Saturday, September 10, 2011

पता चला, महिलाओं में क्या ढूंढते हैं मर्द

What-men-want.jpg   लंदन।। मर्द आखिर महिलाओं में क्या ढूंढते हैं? ऑनलाइन सर्च को लेकर हुए एक सर्वे में इस सवाल के कई दिलचस्प जवाब मिले हैं। सर्वे के मुताबिक मर्दों के लिए भी साइज़ कोई मायने नहीं रखता। उन्हें पतली महिलाओं की तुलना में मांसल देह वाली महिलाएं ज्यादा भाती हैं।

रिसर्चर्स ने सेक्स से जुड़े 1 अरब सर्च को खंगाला और पता लगाया कि जब मर्दों के आसपास कोई नहीं होता, तो महिलाओं के बारे में उनकी क्या जिज्ञासाएं होती हैं।

इनको एक किताब 'अ बिलियन विकिड थॉट्स' में पब्लिश किया गया है। रिसर्चर के मुताबिक स्ट्रेट पुरुषों (सिर्फ महिलाओं में दिलचस्पी रखने वाले) को पतली की बजाए भरे बदन वाली महिलाएं ज्यादा पसंद आती हैं। महिलाओं के पैर सेक्सी हों, तो वह उन्हें ज्यादा लुभाती हैं।

जबकि पुरुषों में ही दिलचस्पी रखने वाली महिलाएं दो पुरुषों के रोमांस को देखने और पढ़ना पसंद करती हैं। रिसर्चर्स के मुताबिक सेक्स से जुड़े 10 प्रमुख सर्च इस तरह से हैं-

यूथ (13.5%), गे (4.7%); MILFs (4.3%) ब्रेस्ट्स(4%), चीटिंग वाइफ (3.4%), वैजाइना (2.8%), पेनिस, (2.4%), बट्स (0.9%) और चीअरलीडर्स(0.1%)।

ऐसे करें स्मार्ट सेक्स

smart-sex.jpg    सेक्स को लेकर लोगों के मन में कई तरह भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों के चलते लोग सेक्स का सही से आनंद नहीं उठा पाते हैं। हम यहां पर उन भ्रांतियों पर से पर्दा उठा रहें ताकि आप सेक्स को स्मार्ट बना सकें।

पुरुष हर 7 सेकेंड में सेक्स के बारे में सोचता है 
लोगों के मन में भ्रांति है कि पुरुष हर 7वें सेकेंड में सेक्स के बारे सोचते हैं, लेकिन रिसर्च से पता चला है कि सिर्फ 14 फीसदी पुरुष दिन भर में कई बार सेक्स के बारे में सोचते हैं। 43 फीसदी महीने में कुछ दिन और 4 फीसदी तो ऐसे हैं कि जो महीना में एक बार भी सेक्स के बारे में नहीं सोचते। इसके उलट 19 फीसदी महिलाएं रोज कई बार सेक्स के बारे में सोचती है और 67 फीसदी महिलाएं हफ्ते में और सिर्फ 14 फीसदी महीनें में सेक्स के बारे में सोचती हैं।

पुल-आउट मेथड सेफ रहता है 
नहीं, यह मेथड सेफ नहीं है। दरअसल, सेक्स के दौरान पुरुष का स्पर्म हल्का-हल्का कई बार में निकलते रहता है, पर उसे पता नहीं चलता है। स्पर्म की यह मात्रा आपके साथी को प्रेगनेंट करने के लिए काफी है।

ओरल सेक्स से कोई खतरा नहीं है 
ओरल सेक्स से भी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। अगर मुंह या गले में कहीं कुछ कटा होता है, तो वहां से इन बीमारियों के फैलने का खतरा होता है।

पुरुष तो हमेशा सेक्स के लिए तैयार होते हैं 
ऐसा भ्रम है कि पुरुष तो सेक्स के लिए हमेशा तैयार रहता है, लेकिन ऐसा नहीं है। पुरुष भी थकता है, वह रॉबोट नहीं है। तनाव के चलते या मूड नहीं रहने के चलते वह सेक्स में रुचि नहीं दिखा सकता है। इसलिए अगर पुरुष सेक्स के लिए तैयार नहीं होता है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह आपमें रुचि नहीं लेता है।

साइज मैटर नहीं करता है 
आप अपने मन से यह भ्रम निकाल दें कि साइज से कोई फर्क पड़ता है। साइज से कुछ नहीं होता है। सबसे जरूरी चीज है अपने पार्टनर के जज्बातों का खयाल रखना। इससे सेक्स का ड्यूरेशन बढ़ता है और आप इसका खूब आनंद भी लेते हैं।
सेक्स को लेकर लोगों के मन में कई तरह भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों के चलते लोग सेक्स का सही से आनंद नहीं उठा पाते हैं। हम यहां पर उन भ्रांतियों पर से पर्दा उठा रहें ताकि आप सेक्स को स्मार्ट बना सकें। 


पुरुष हर 7 सेकेंड में सेक्स के बारे में सोचता है 
लोगों के मन में भ्रांति है कि पुरुष हर 7वें सेकेंड में सेक्स के बारे सोचते हैं, लेकिन रिसर्च से पता चला है कि सिर्फ 14 फीसदी पुरुष दिन भर में कई बार सेक्स के बारे में सोचते हैं। 43 फीसदी महीने में कुछ दिन और 4 फीसदी तो ऐसे हैं कि जो महीना में एक बार भी सेक्स के बारे में नहीं सोचते। इसके उलट 19 फीसदी महिलाएं रोज कई बार सेक्स के बारे में सोचती है और 67 फीसदी महिलाएं हफ्ते में और सिर्फ 14 फीसदी महीनें में सेक्स के बारे में सोचती हैं।

पुल-आउट मेथड सेफ रहता है 
नहीं, यह मेथड सेफ नहीं है। दरअसल, सेक्स के दौरान पुरुष का स्पर्म हल्का-हल्का कई बार में निकलते रहता है, पर उसे पता नहीं चलता है। स्पर्म की यह मात्रा आपके साथी को प्रेगनेंट करने के लिए काफी है।

ओरल सेक्स से कोई खतरा नहीं है 
ओरल सेक्स से भी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। अगर मुंह या गले में कहीं कुछ कटा होता है, तो वहां से इन बीमारियों के फैलने का खतरा होता है।

पुरुष तो हमेशा सेक्स के लिए तैयार होते हैं 
ऐसा भ्रम है कि पुरुष तो सेक्स के लिए हमेशा तैयार रहता है, लेकिन ऐसा नहीं है। पुरुष भी थकता है, वह रॉबोट नहीं है। तनाव के चलते या मूड नहीं रहने के चलते वह सेक्स में रुचि नहीं दिखा सकता है। इसलिए अगर पुरुष सेक्स के लिए तैयार नहीं होता है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह आपमें रुचि नहीं लेता है।

साइज मैटर नहीं करता है 
आप अपने मन से यह भ्रम निकाल दें कि साइज से कोई फर्क पड़ता है। साइज से कुछ नहीं होता है। सबसे जरूरी चीज है अपने पार्टनर के जज्बातों का खयाल रखना। इससे सेक्स का ड्यूरेशन बढ़ता है और आप इसका खूब आनंद भी लेते हैं।

उनके करीब आने के सुपरहिट टिप्स

man-woman-relationship.jpg  नई दिल्ली।। क्या आप अपनी पसंद की बालाओं से नजदीकियां बढ़ाने की कोशिशें करते हुए तंग आ चुके हैं? अब चाहते हैं कि महिलाएं खुद- ब- खुद आपके रुचि लें? हम आपको दे रहे हैं ऐसे पांच टिप्स जो आपके इस सपने को साकार कर सकते हैं...

1. किसी पार्टी में टीनेजर की तरह लड़कियों को इंप्रेस करने की बजाय थोड़ा मैच्योर बनें। किसी अजनबी की तरह मिस्टीरियस और कॉन्फिडेंट बनें। कुछ भी अंट-शंट बोल कर लड़कियों पर अपनी धाक जमाने की कोशिश में कहीं आप मजाक का विषय न बन जाएं।

2. जब आप किसी महिला से पहली बार मिलें या आपकी एकदम नई-नई मुलाकात हो, तो उसे अपने बचपन से लेकर अब तक की सारी कहानी और एक-एक डीटेल बतानी न शुरू कर दें। थोड़ा रहस्य क्रिएट करें। उसे तब तक अपना नाम न बताएं जब तक कि वह पूछे न। तब तक अपने बारे में न बताएं जब तक इसकी जरूरत न हो।

3. महिलाओं को हंसने -हंसाने वाले मर्द अच्छे लगते हैं। ध्यान रखें कि जब वह आपके जोक्स पर हंस रही है तो इसका मतलब है कि वह आपमें रुचि ले रही है वरना वह यूं न हंसती। हो सकता है कि वह आपके बारे में जानने की भी इच्छुक हो जाए। मजाक के समय मर्यादा का भी ध्यान रखें।

4. जब वह आपको ढेर सारे फोन करे तो कुछेक कॉल्स का अवॉइड कर सकते हैं। वह आपको कई मेसेज करे तो मेसेज का रिप्लाई तुरंत न करें। टाइम लें। उसकी आपके लिए तड़प थोड़ी बढ़ने दें।

5. हर लड़की चाहती है कि उसे राजकुमारी- सा ट्रीट किया जाए। उसकी तारीफ करें ताकि वह बढ़िया फील करे। उसके लिए फूल खरीदने से पहले उसे मेसेज कर दें कि- आई मिस यू। इससे उसे पता लगेगा कि वह आपके ख्यालों में है और वह खुश होगी। 

पॉरनॉग्रफी है, तो रेप नहीं!

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ऑस्ट्रेलियन रिसर्चर्स ने अपनी एक स्टडी में हैरान करने वाले नतीजे तलाशे हैं। उन्होंने बताया है कि जो लोग पॉरनॉग्रफी में इंटरेस्ट लेते हैं, उनके किसी पर सेक्शुअली अटैक करने की संभावना सबसे कम होती है : 
यह सच है कि पॉरनॉग्रफी को सोसायटी में अच्छी नजर से नहीं देखा जाता। माना जाता है कि इस तरह की चीजों में इंटरेस्ट लेने वाले लोगों का करैक्टर ठीक नहीं होता और पॉर्न मूवीज देखने के बाद सेक्सुअल डिजायर स्ट्रॉन्ग हो जाती है। हालांकि सिडनी के न्यूरोसाइंटिस्ट्स द्वारा की गई एक बड़ी स्टडी में इस बिलीफ को गलत बताया गया है।

उनका कहना है कि पॉरनॉग्रफी से किसी इंसान पर नेगेटिव इफेक्ट होने की बात बिल्कुल गलत है। अपनी नई किताब 'ए बिलियन विकड' के लिए न्यूरोसाइंटिस्ट्स ओगी ओगस और सई गेडम ने इंटरनेट पॉरनॉग्रफी हैबिट से जुड़ा तमाम डाटा सर्च किया। इस दौरान उन्होंने एक बिलियन से ज्यादा साइट्स सर्च कीं।

साथ ही, उन्होंने 20 ऐसे सेकशुअल इंटरेस्ट सर्च किए, जिनमें करीब 80 फीसदी लोग दिलचस्पी लेते हैं। इनमें टॉप फाइव कैटिगरीज यूथ, गेज, मदर्स, ब्रेस्ट्स और चीटिंग वाइव्स थीं। अपनी स्टडी की कुछ मजेदार बातों के बारें में ओगस बताते हैं, 'पुरुषों को पतली-दुबली महिलाओं की बजाय गदराए बदन की महिलाएं पसंद होती हैं।

वहीं घूमने-फिरने और बात करने के मामले में जवान महिलाओं में इंटरेस्ट लेने वाले पुरुष सेक्स करने के लिए ज्यादातर ज्यादा उम्र की महिलाओं को पसंद करते हैं। इनमें 40, 50 और 60 साल की महिलाएं भी शामिल होती हैं।'

अपनी स्टडी के दौरान ओगस ने पता लगाया है कि चार ऐसे बॉडी पार्ट्स हैं, जिन्हें नॉर्मल और गे दोनों तरह के लोग पसंद करते हैं। बकौल ओगस, 'चेस्ट, बट्स, फीट और पेनिस चार ऐसे बॉडी पार्ट्स हैं, जिनमें नॉर्मल और गे दोनों तरह के लोग इंटरेस्ट लेते हैं।

खासकर हेट्रोसेक्शुअल लोगों को पेनिस देखना पसंद होता है और खासकर बड़े साइज के पेनिस उन्हें बेहद पसंद आते हैं।'

हालांकि रिसर्चर्स ने इस सोच को सिरे से खारिज कर दिया है कि पॉरनॉग्रफी देखने वाले लोगों की सेक्शुअलडिजायर भड़क जाती है और वे गलत स्टेप तक उठा लेते हैं। ओगस कहते हैं , 'पॉरनॉग्रफी देखकर लोग सिर्फअपने मन की सेक्शुअल डिजायर को शांत करते हैं , लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि इससे उनकीफिजिकल सेक्शुअल डिजायर्स बढ़ जाती हैं। '

ओगस तो यहां तक कहते हैं कि पॉरनॉग्रफी और रेप में रिवर्स कनेक्शन है। यानी अगर कहीं पॉरनॉग्रफी देखने कीसुविधा आसानी से उपलब्ध है , तो वहां रेप कम होंगे। इसलिए अगर कोई यह सोचता है कि पॉरनॉग्रफी मेंइंटरेस्ट लेने की वजह से कोई इंसान गलत कदम उठाता है या फिर मिसगाइड होता है , तो यह सही नहीं है। इसतरह वह सिर्फ अपने मन की डिजायर को सैटिस्फाई करता है , ना कि उसे किसी दूसरे पर अप्लाई करने कीकोशिश करता है।

काफी कुछ कहती हैं मर्दों की उंगलियां

FINGER.jpg  क्या आपको पता है कि मर्दों के हाथों की उंगलियां उनके कुछ रहस्यों को बिना कुछ कहे आपके सामने ला सकती हैंदरअसल इस सच को एक स्टडी ने खोज निकाला है। इस रिसर्च की मानें तो ऐसे मर्द जिनकी इंडेक्स फिंगर (दूसरी उंगली), रिंग फिंगर (चौथी उंगली) से छोटी होती है उनका पेनिस बड़ा होता है। दक्षिण कोरिया की यह स्टडी एशियन जर्नल ऑफ एंड्रॉलजी में छपी है। 

दक्षिण कोरिया की यूनिवर्सिटी के गिल हॉस्पिटल के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यदि आपकी सेकंड फिंगर, रिंग फिंगर से छोटी है तो इसका मतलब है कि आपके पेनिस का स्ट्रेच लेंथ ज्यादा है। 

पहले हुए गए अध्ययन में भी उंगलियों और पेनिस के रिलेशन के स्पष्ट सबूत मिले हैं। पहले की स्टडी में यह साबित हुआ है कि जन्म से पहले ही टेस्टॉसटेरॉन उंगलियों के विकास के साथ पेनिस की लंबाई को भी निर्धारित करता है। 

एक अध्ययन में पेनिस की लंबाई की तुलना दाएं हाथ की दूसरी और चौथी उंगलियों के बीच की लंबाई के अंतर से की गई। पहले किए गए अध्ययन में यह पाया गया था कि दायां हाथ टेस्टॉसटेरॉन को प्रभावित करने के मामले में ज्यादा सेंसिटिव है। 

इस अध्ययन में इंडेक्स फिंगर की लंबाई को रिंग फिंगर की लंबाई से डिवाइड किया गया और स्टडी यही कहती है कि इसका अनुपात जितना कम होगा पेनिस की लंबाई उतनी ही ज्यादा होगी। 

इस अध्ययन से अलग रहे न्यू यॉर्क के स्किडमोर कॉलेज के डेनिस मैकक्वैड का कहना है कि तथ्य कहते हैं कि जन्म से पहले टेस्टॉसटेरॉन ही पेनिस की लंबाई और उंगलियों की बनावट के लिए जिम्मेदार होता है। इससे पहले पुरुषों की उंगलियों पर जो अध्ययन किया गया था, उसे कैंसर के खतरे से जोड़कर बताया गया था। अध्ययन में कहा गया था कि जिस पुरुष की इंडेक्स फिंगर बड़ी होती हैं, उनमें प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है। 

ब्रिटेन के इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में इस बात का खुलासा किया था कि जिस पुरुष की इंडेक्स फिंगर, रिंग फिंगर से बड़ी होती है उनमें उन पुरुषों की अपेक्षा कैंसर का खतरा एक तिहाई कम होता है, जिनके इंडेक्स और रिंग फिंगर की लंबाई इससे ठीक ऑपोज़िट होती है।

'जान' भी बचाता है सेक्स

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लंदन।। तमाम बाकी चीजों को छोड़ दें तो क्या आप बता सकते हैं कि सेक्स का आखिर औचित्य क्या है जी हां, हम पूछ रहे हैं कि सेक्स करने की असल वजह आखिर है क्या ?सदियों से यह सवाल सामने आता रहा है लेकिन इसका कोई संतोषजनक जवाब सामने नहीं आ पाया। लेकिन, हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ इंडियाना के बॉयोलॉजिस्ट ने इस सवाल का जवाब ढूंढ लिया है।

डेली टेलिग्राफ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जीवविज्ञानियों का दावा है कि पशुओं द्वारा प्रजनन इसलिए किया जाता है ताकि वे पैरासाइट
(परजीवी) से लड़ने की क्षमता पैदा कर सकें। वैज्ञानिकों ने साफ किया कि प्रजनन की प्रक्रिया यानी सेक्स का मोटिव अपने जैसी प्रतिलिपियां तैयार करना नहीं बल्कि परजीवियों की उत्पत्ति को रोकना है।

वैज्ञानिकों के इस दावे से इस थ्योरी को भी बल मिला है कि दो पशुओं की जीन का समूह एक ऐसी संतान पैदा करता है जिसमें नए जेनिटिक कोड होते हैं। ये कोड बाहरी हमले से रक्षा करते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि दो तरह के कृमियों पर इंजिनियरिंग करने के बाद इस बाबत बेहतर परिणाम निकल सकते हैं। पहली प्रकार के कृमियों में वे थे जो सेक्स के जरिए उत्पन्न हुए। दूसरी तरह के वे थे, जो अपने जैसा क्लोन बना सकते थे। इन कृमियों को खतरनाक बैक्टीरिया से संपर्क में लाने के बाद यह देखा गया कि सेक्स के जरिए पैदा हुए कृमियों ने बेहतर सरवाइव किया जबकि वे कृमि जो क्लोनिंग की उपज थे और सेक्स के जरिए पैदा नहीं हुए थे, तेजी से मरते गए।

इस थ्योरी पर काम करने वाले को-ऑथर कर्टिस लाइवली का कहना है, द रेड क्वीन हाइपोथीसिस कहती है कि सेक्स से होस्ट
(सेक्स करने वालों) की अपने से ही पैदा हुए पैरासाइट्स के संक्रमण से बच निकलने की क्षमता पैदा होती है और तेज होती है जबकि सेल्फ फर्टिलाइजेशन यानी खुद से पैदा होने वाले जीवों में संक्रमण के चांसेज ज्यादा होते हैं। 

गर्लफ्रेंड क्या सोच रही है, बता देगा यह चश्मा

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लंदन।। क्या आप भी उन लोगों में शुमार हैं, जो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहली बार डेट पर जाने में या फिर जॉब के लिए किसी इंटरव्यू का सामना करने में नर्वस महसूस कर रहे हैं? अगर ऐसा है तो खुश हो जाइए, क्योंकि आने वाले दिनों में आपका मददगार बन सकता है- एक जोड़ा 'सोशल एक्सरे' ग्लास, जिसे पहनते ही आप यह जान पाएंगे कि सामने वाले शख्स के मन में इस वक्त क्या चल रहा है। है न कमाल की बात! 

यह और कुछ नहीं, बल्कि साइंस के नायाब खोजों की ही एक अगली कड़ी होने जा रहा है। इस चमत्कारी ग्लास पर काम कर रहे अमेरिका के मैसाचुसिट्स इंस्टिट्यूट ऑफ मीडिया लैब का यह भी दावा है कि यह ग्लास किसी शख्स को यह बताने में भी सक्षम होगा कि उन्हें किस पॉइंट पर आकर बोलना रोक देना चाहिए। यह सोशल एक्सरे ग्लास कैसे यह चमत्कार अंजाम देगा, आइए जानें। 

दरअसल, इन ग्लासों में एक ऐसा कैमरा फिट होगा जो सामने वाले शख्स के चेहरे पर आने वाले भावों पर नजर रखेगा और उन्हें उन 24 अलग-अलग रूपों के साथ मैच करेगा, जो किसी शख्स के इमोशंस की झलक देते हैं। इसके बाद यह एक एयरपीस और ग्लासेज पर अलग-अलग तरह की रोशनियां डालकर पहनने वाले को यह संदेश देगा कि सामने बैठा शख्स इस वक्त क्या सोच रहा है। 

यह सिस्टम ट्रैफिक सिग्नल के स्टाइल का होगा। रेड लाइट का मतलब होगा कि आपकी डेट आपके बारे में नेगेटिव सोच रही है, पीली रोशनी का मतलब होगा कि आपकी डेट आपमें थोड़ी दिलचस्पी रखती है और अगर लाइट ग्रीन है, तो मतलब साफ है कि आपकी डेट आपसे खुश है, आप आगे बढ़ें। रिसर्चरों का कहना है कि किसी के साथ बातचीत के दौरान इन सोशल एक्सरे ग्लासों को पहनने का फायदा यह होगा कि तब आपके पास एक 'एक्सट्रा सेंस' होगा, जो आपको बताता रहेगा कि सामने वाला आपसे बोर हो रहा है, या आपकी बातों में दिलचस्पी रखता है।

महिलाओं की पसंद 'गे' पॉर्न

gay-couple.jpg     हो सकता है आपको यह सुनने में अजीब न लगे कि कुछ पुरुषों लेस्बियन पॉर्न देखना पसंद करते हैं। लेकिन आपके लिए यह चौंकाने वाला हो सकता है कि महिलाएं भी गे पॉर्न देखना पसंद करती हैं और उन्हें यह काफी एक्साइटिड करता है। 

भारतीय मूल के न्यूरोसाइंटिस्ट द्वारा की गई एक ऑनलाइन पॉर्न स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है। इस ऑनलाइन स्टडी के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं और पारंपरिक सोच से बिलकुल उलट हैं कि स्ट्रेट महिलाएं गे पॉर्न इंजॉय करती हैं और उत्तेजित भी होती हैं। 

सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड अखबार में छपी रिपोर्ट में इंटरनेट पॉर्न हैबिट्स पर की गई इस स्टडी को सबसे बड़ी ऑनलाइन पॉर्न स्टडी कहा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टडी में बताया गया है कि महिलाएं गे रोमांस नोवल्स और इरॉकटिक स्टोरीज़ में रुचि रखती हैं। स्टडी में यह भी कहा गया है कि आप जितना सोचते हैं उससे कहीं ज्यादा मेल-मेल सेक्स में महिलाएं रुचि रखती हैं। 

स्टडी के अनुसार, महिलाओं के बीच सर्वाधिक पॉपुलर वेबसाइट फैनफिक्शन.नेट है, जिस पर हर महीने करीब 1.5 मिलियन विजिटर्स आते हैं। हालांकि, रिसर्चर्स को इस स्टडी के नतीजों से कोई हैरानी नहीं हुई है। एक इरॉकटिक वेबसाइट के एडिटर्स लूसी लूह और शोर्य सिंह कहते हैं कि मेल-मेल सेक्स काफी पॉपुलर है। लूह ने बताया कि उन्होंने ट्विटर, फेसबुक वगैरह के जरिए कई महिलाओं से ऑनलाइन बात की है, जिन्होंने कहा कि उन्हें गे पॉर्न और मेल-मेल इरॉकटिक फिक्शन काफी पसंद है। 

अब कीजिए सेक्सर्साइज

sex.jpg     कुछ पाउंड कैलरी कम करने के लिए घंटों तक ट्रेडमिल पर दौड़ना, एक्सर्साइज करने और जिम जाने को भूल जाइए। हम आपको एक्सर्साइज से बेहद ही आसान उपाय बताने जा रहे हैं और वह है- सेक्सर्साइज। यानी सेक्स के जरिए कैलरी बर्न करना। आप आधे घंटे में 250 कैलरी बर्न कर सकते हैं। 

एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि महिलाओं का अगर इस बात की जानकारी हो कि वह सेक्स के जरिए भी वजन कम कर सकती हैं, तो वह एक्सर्साइज की बजाए सेक्स में ज्यादा रुचि दिखाती हैं। सर्वे में 76 फीसदी महिलाओं ने भारी-भरकम व्यायाम करने की बजाए सेक्स को अपने रेग्युलर रूटीन में शामिल करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जब उन्हें पता चला कि वह इसके जरिए भी कैलरी बर्न कर सकती हैं। 

यही नहीं दो तिहाई महिलाओं, जिन्होंने जिम की मेंबरशिप ले रखी थी, ने कहा कि वह यह जानकर खुश हैं कि सेक्स के जरिए भी वह उतनी ही कैलरी बर्न कर सकती हैं, जितनी वह जिम जाकर करती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस (सेक्स) पारंपरिक वर्कआउट को अपनाने में खुशी होगी। 

'द अल्टिमेट सेक्स डाइट' किताब के अनुसार, आधे घंटे के सेक्स के दौरान आमतौर पर करीब 150 से 250 कैलरी तक और कभी-कभी 350 कैलरी तक खर्च होती हैं। लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि सेक्स के दौरान आपकी ऐक्टिविटी कैसी रही। 

दिलचस्प बात यह है कि घंटे भर तक चलने वाले चुंबन यानी किस में 200 कैलरी खर्च होती है। 

बेडशीट बता देगी, पार्टनर ने बेवफाई तो नहीं की

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नई दिल्ली।। पार्टनर कहीं बेवफाई तो नहीं कर रहा, बेडशीट इससे चुटकियों में पर्दा उठा सकती है। कैसे? चलिए आपको दुबई के राज कनोडिया का किस्सा बताते हैं। 

दुबई के राज कनोडिया को अपनी पत्नी पर शक था। उन्हें लग रहा था कि उनकी पत्नी घर में न रहने पर उनसे बेवफाई करती है। राज ने एक दिन पत्नी के घर से जाने के बाद इस्तेमाल की गई बेडशीट और अपनी लार का नमूना कूरियर कर हैदराबाद की एक लैबरेटरी को भेज दिया। 

एक हफ्ते के बाद राज़ को जो रिपोर्ट मिली, उसने उनके होश उड़ा दिए। राज के मुताबिक,'जैसा मुझे शक था बेडशीट पर मिला धब्बा वीर्य का था और उसका डीएनए मुझसे मैच नहीं करता था।' राज की तरह ही भारत में कई युवा अपने पार्टनर की वफादारी चेक करने के लिए इस तरह के टेस्ट करवा रहे हैं। 

भारत में इस तरह के टेस्ट की डिमांड खूब बढ़ रही है। वन टच सल्यूशन ( OTS) लैबरेटरी में हर महीने इस तरह की दो या तीन रिक्वेस्ट आती हैं। इसमें से अधिकतर युवा और विवाहित लोग होते हैं। 

डीएनए टेस्ट कंसल्टेंट रितु सोहने बताते हैं कि विदेश में यह टेस्ट काफी प्रचलित है, लेकिन अब भारत में भी यह पॉप्युलर होने लगा है। 

लैब में कॉन्डम, सिगरेट, अंडरवेयर, वैक्सिंग स्ट्रिप, टंग क्लिनर, बेडशीट आदि भेजे जाते हैं। गुडगांव की इंडियन बायोसाइंस लैबरेटरी में भी हर महीने इस तरह की चार से पांच रिक्वेस्ट मिलती हैं। लगभग सभी का मकसद पार्टनर की वफा का पता लगाना होता है। कंपनी इसके लिए 27,920 रुपये चार्ज करती है।

हॉट लवर को कैसे बचाएं?

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आप अपने शहर के किसी मोस्ट इलिजिबिल बैचलर के साथ डेटिंग कर रही हैं, लेकिन अगर कोई लड़की उसे देखकर मुस्कराती है तो आपको बुरा लगता है। आइए हम आपको इस कंडिशन से निपटने के टिप्स बताते हैं : 
टेंशन छोड़ो 
अगर आप अपने लवर को देखकर मुस्करा रही हर एक लड़की को रोकने की कोशिश कर रही हैं, तो वह आपको छोड़कर भाग सकता है। इसकी बजाय आपको इस बात पर गर्व महसूस करना चाहिए कि लड़कियां आपके लवर को इतना अटेंशन दे रही हैं। अगर इतनी लड़कियां उसे भाव दे रही हैं, तो आपको अपनी पसंद पर खुश होना चाहिए। सोचिए जब आप किसी क्लब या बार से अपने बॉयफ्रेंड की बांहों में बांहें डालकर बाहर निकलेंगी, तो दूसरी लड़कियां आपको देखकर जल जाएंगी। 
बी स्मार्ट 
अगर आपका बॉयफ्रेंड किसी और लड़की को देखकर नजर घुमाता है तो जाहिर है कि आपको गुस्सा आएगा। लेकिन ऐसे में आपको यह समझना चाहिए कि खूबसूरत लड़की को देखकर किसी की भी नजर फिसल सकती है। अगर किसी खूबसूरत लड़की को देखकर आपके बॉयफ्रेंड की नजरें घूम जाती हैं, तो इसमें कुछ भी अस्वाभाविक नहीं है। हालांकि अगर आप इस प्रॉब्लम से अपने अंदाज में निपटना चाहती हैं, तो किसी भी खूबसूरत लड़की को देखकर पहले ही कहना शुरू कर दें कि 'वाउ क्या हॉट गर्ल है?' इससे आपका बॉयफ्रेंड उसकी ओर ज्यादा नजरें नहीं घुमा पाएगा। 
बी टैक्टफुल 
अगर आप अपने बॉयफ्रेंड से मिलने पहुंची हैं और वह पहले से ही अपनी किसी और गर्लफ्रेंड से बातें कर रहा है, तो आपको गुस्सा जरूर आएगा। लेकिन उस वक्त दोनों के बीच पहुंचकर शोर मचाना नेगेटिव असर डालेगा। इसके लिए आप एक और बेहतरीन तरीका आजमा सकती हैं, जिससे आप उन दोनों को सबक सिखा सकती हैं। आपको सिर्फ इतना करना है कि अपने बॉयफ्रेंड की बांहों में बांहें डालकर उसके गालों पर किस करके कहें कि डियर मैं कुछ मिनटों से तुम्हारा वेट कर रही हूं। इससे उस लड़की को भी मेसेज चला जाएगा कि आप दोनों कितनी क्लोज रिलेशनशिप में हैं। 

आखिर सेक्स क्यों करती हैं महिलाएं?


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महिलाएं सेक्स क्यों करती हैं ? अब तक कहा जाता थाकि वह प्यार पाने के लिए , पैशन के लिए सेक्स करती हैंलेकिन नए अध्ययन कुछ और ही कहानी कहते हैं। 

दरअसल , महिलाएं कई दूसरे ऐसे कारणों से सेक्स करतीहैं , जिनका रोमांस से कोई लेना देना नहीं होता। जैसे कि ,खुद की बोरियत दूर करने के लिए , या फिर अपने पार्टनर/ बॉयफ्रेंड / पति पर तरस खा कर। यहां तक कि कई बारवे इसलिए सेक्स के लिए हां बोलती हैं क्योंकि कहीं उन्होंनेपढ़ा होता है कि माइग्रेन से मुक्ति के लिए सेक्स करिए !


आपको ये रीज़न अजीब लग रहे होंगे। लेकिन , यही सचहै। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के साइकॉलजी के प्रफेसरसिंडा मेस्टन और डेविड बस ने अपनी बुक - Why Women Have Sex- में इस सवाल के 100 जवाब लिखेहैं। टेलिग्राफ ने इन लेखकों के हवाले से लिखा है कि रिसर्चबताती हैं कि ज्यादातर आदमियों को औरतें सेक्शुअलीअट्रैक्टिव लगती हैं लेकिन औरतों को आदमी सेक्शुअलीअट्रैक्टिव नहीं लगते।


इस मामले में पुरुष के प्रति अट्रैक्शन तो महिलाओं की लिस्ट में काफी नीचे है। कभी वे एक अच्छे डिनर के लिएथैंक यू के तौर पर और कभी शांति बनाए रखने के लिए सेक्स करती हैं महिलाएं।

रिसर्च करने वालों ने 1006 महिलाओं पर किताब लिखने से पहले अध्ययन किया और कई और चौंकाने वालेजवाब सामने आए। एक ने बताया कि वह सेक्स आध्यत्मिक अनुभव के लिए करती है क्योंकि उसे लगता है किसेक्स ईश्वर के सबसे करीबी ( हो सकने वाली ) चीज है। कई महिलाओं ने कहा कि वे सिरदर्द से मुक्ति के लिएसेक्स करती हैं जबकि कई महिलाओं का कहना था कि वे अपनी सेक्शुअल स्किलस बढ़िया करने के लिए याअपना गोरापन बेहतर करने के लिए सेक्स करती हैं।

वैसे 84 परसेंट महिलाओं ने यह स्वीकार किया कि वे अपने पार्टनर के साथ शांतिपूर्ण जीवन बिताने की कोशिशके तहत सेक्स करती हैं। कई महिलाएं तो घर के कामों में मदद पाने के लिए भी सेक्स करती हैं। एक महिला नेबताया , बोर हो जाती हूं तो सेक्स करती हूं क्योंकि लड़ने से अच्छा है कि सेक्स किया जाए।

एक महिला ने कहा , मैंने कुछ ऐसे भी लड़कों के साथ सेक्स किए जिनके लिए मैं बहुत सॉरी फील करती थी। हर10 में से 1 महिला का कहना था कि वे किसी गिफ्ट या बेहतरीन लंच / डिनर के बदले में उपकृत करने के लिएसेक्स करती हैं।

वैसे कई महिलाओं ने यह भी कहा कि उनका पार्टनर उन पर इतना खर्चा करता है कि उन्हें बहुत अच्छा लगता हैऔर वे इसीलिए उनके साथ सेक्स करती हैं।

Friday, September 9, 2011

बड़े कंडोम के इस्‍तेमाल से अलग ही मजा

Relationship    आमतौर पर लोग कंडोम का इस्‍तेमाल गर्भधारण रोकने व यौन स्‍थानांतरित बीमारियों से बचने के लिए करते हैं। लेकिन क्‍या आपको पता है कंडोम का साइज भी आपकी उत्‍तेजना को बढ़ाता या घटाता है। जी हां ज्‍यादा बड़े कंडोम इस्‍तेमाल करने से छोटे साइज के कंडोम की तुलना में सेक्‍स की अनुभूति ज्‍यादा अच्‍छी होती है।

यह बात हाल ही में हुए एक अध्‍ययन में निकल कर आयी है। इसी अध्‍ययन के आधार पर ब्रिटेन की कंडोम बनाने वाली एक कंपनी ने एक्‍स्‍ट्रा लार्ज कंडोम का उत्‍पादन बढ़ा दिया। यही नहीं उसकी बिक्री में भी तेजी से इजाफा हुआ है।


कंपनी के मुताबिक एक्‍स्‍ट्रा लार्ज कंडोम की डिमांड भी तेजी से बढ़ी है। असल में बड़े साइज के कंडोम के इस्‍तेमाल से पुरुषों को न केवल संभोग में आसानी होती है, बल्कि सेक्‍स की अनुभू‍ति का अलग ही अहसास होता है।

कंपनी के मुताबिक सामान्‍य कंडोम से 10 मिलीमीटर लंबे और 2 मिलीमीटर ज्‍यादा घेराव वाले कंडोम की डिमांड बढ़ने से पता चलता है कि पुरुषों को यह ज्‍यादा पसंद आया है।

पहली बार कैसे करें संभोग?

Relationship   शादी के बाद पहली रात और पार्टनर के साथ पहली बार सेक्‍स। उस रात चाहे स्‍वस्‍थ्‍य संभोग किया हो, या फिर पूरी तरह फ्लॉप रहे हों, वो पल व्‍यक्ति कभी नहीं भूलता। तो आप क्‍या चाहत हैं, आपकी रात जीवन की सबसे यादगार बने या फिर एक हादसे की तरह आपको जीवन भर याद आती रहे। जाहिर है आप अपने साथी के साथ पहली बार सेक्‍स को चाह कर भी नहीं भुला पाएंगे। चलिए हम आपको बताते हैं कि पहली बार संभोग करते वक्‍त किन-किन बातों का ध्‍यान रखें। 

साथी के इशारों को समझें 

आमतौर पर पुरुष के करीब आने वक्‍त स्त्रियां सीधे सेक्‍स की शुरुआत नहीं करतीं। शुरुआत पुरुष को ही करनी होती है, लेकिन ज़रा ध्‍यान से, क्‍योंकि करीब आते ही जंगली हो जाने से आपके संबंधों में खटास आ सकती है। पार्टनर क मन में तमाम तरीके की ऐसी बातें उठ सकती हैं, जो संबंधों में खटास डाल दें। जाहिर है, जिस तरह आप अपनी रात को जीवन की यादगार रात बनाना चाहते हैं, उसी प्रकार आपकी पार्टनर भी...। तो कुल मिलाकर एक अच्‍छे और करीबी दोस्‍त की तरह पार्टनर के करीब जाएं और सकारात्‍मक सोच के साथ बात करें। बात करते वक्‍त पार्टनर का हाथ पकड़ें और उसकी उम्‍मीदों को परखें। देखते ही देखते बाहों में भर लेना अच्‍छा रहेगा। यह बात तय है कि सामने से आपको ग्रीन सिगनल मिलने लगेंगे। 

यहां पर यह ध्‍यान रहे कि आप पार्टनर के करीब इसलिए नहीं जा रहे हैं, कि आप उसके साथ संभोग करना चाहते हैं, बल्कि संभोग प्‍यार को बढ़ाता है, आपके संबंधों को प्रगाढ़ बनाता है, इस बात का अहसास होना चाहिए। यही अहसास अपने पार्टनर को भी दिलाएं। 

प्रोटेक्‍शन जरूर लें 

पार्टनर के साथ सेक्‍स करते वक्‍त कंडोम का प्रयोग जरूर करें। आप सोच रहे होंगे कि कंडोम क्‍यों? उसका भी जवाब यहां है। पहली बात कंडोम यौन संबंधी बीमारियों से बचने का सबसे अच्‍छा उपाए है। दूसरी बात शादी की पहली रात में सेक्‍स के वक्‍त अगर अपक या आपके पार्टनर के मन में यह बात आती रही, कि कहीं वो गर्भवती न हो जाए, तो आपका और आपके पार्टनर दोनों का ध्‍यान सेक्‍स के दौरान भटक सकता है। जिससे यौन सुख फीका पड़ सकता है। 

यह बात निश्चित है कि प्रोटेक्‍टेड सेक्‍स करने से आपको वो अनुभूति नहीं होगी, जो बिना कंडोम के होती, लेकिन बेहतर होगा कि पहली बार में आप एक दूसरे का यौन इतिहास जान लें। दूसरी बात यह कि अपनी पार्टनर से यह बात पक्‍की कर लें कि वो कब तक गर्भवती होना चाहती है। 

कतई घबराएं नहीं 

पहली बार सेकस करते वक्‍त आप तनाव में आ सकते हैं, या फिर घबराहट भी हो सकती है। इसके लिए लंबी सांस लें और अपने शरीर को ढीला छोड़ दें। ऐसे समय में आपके मस्तिष्‍क को ज्‍यादा ऑक्‍सीजन की जरूरत होती है। यदि आपकी सांसें तेज या धीमी चलने लगीं तो आपको हलका पन महसूस होने लगेगा, या फिर चक्‍कर आएगा और सिर दर्द भी। ऐसा होने पर यदि आप अपने पार्टनर को पूर्ण यौन सुख नहीं दे पाए तो उसके मन में आपके बारे में गलत धारणाएं आ सकती हैं, लिहाजा घबराएं नहीं। सेक्‍स के वक्‍त बीच बीच में लंबी सांसें लेने से फायदे में रहेंगे। 

परफेक्‍शन की उम्‍मीद मत करें 

ज्‍यादातर लोग अपने पार्टनर को पहली बार के सेक्‍स में पूरा यौन सुख देने की कोशिश करते हैं, लेकिन नाकाम हो जाते हैं। यही नहीं दोनों के मन में एक दूसरे से परफेक्‍शन यानी प्रवीणता की उम्‍मीद होती है। ऐसी उम्‍मीद न करें, क्‍योंकि पहली बार सेक्‍स के दौरान पुरुष या स्‍त्री या फिर दोनों थोड़ा डरे रहते हैं। दोनों में शीघ्रपतन की संभावना अधिक रहती है। यदि ऐसा हो भी जाए, तो उसके गलत नजरिए से नहीं देखें। यही नहीं आप भी अपने आप से उम्‍मीद मत बांधें कि आप भी सेक्‍स का पूर्ण सुख अपने पार्टनर को दे पाएंगे। यह प्रेम की वो क्रिया है, जो धीरे-धीरे बढ़ती है।

बाथ-टब में सेक्‍स का अनोखा मज़ा

    आपके पति थके हारे घर लौटें तो, जाहिर है वो थोड़ा रिफ्रेशमेंट चाहेंगे। जाहिर है आप सबसे पहले उन्‍हें हलका भोजन करवायेंगी और फिर आराम करने के लिए कहेंगी। यदि आप उनसे काम के बारे में पूछती हैं, तो यह आपकी गलती होगी। आप अपने पति से बिस्‍तर पर प्रेम तो रोज़ करती होंगी, क्‍या कभी बाथ टब यानी नहाने के टब में प्‍यार किया है? अगर नहीं तो इस बार ट्राई करें, आपको अनोखा अनुभव होगा।

बेहतर होगा यदि बाथ टब में हलका गर्म पानी हो और उसमें थोड़ा सा खुश्‍बूदार तेल पड़ा हो। जी हां इससे पुरुषों की थकान भी मिटती है और वो उत्‍तेजित भी होते हैं। आपका छोटा सा प्रयास आपके पति की थकान मिटाने के साथ-साथ आपको उनके और ज्‍यादा करीब ले जायेगा। हम यहां बताने जा रहे हैं बाथ टब में प्रेम की लवमेकिंग टिप्‍स-

1. सबसे पहले आप अपने बाथरूम को साफ करें और सजायें। चारों कोनो में खुश्‍बूदार मोमबत्तियां लगायें। बाथ टब में पानी भर के उसमें गुलाब की पंखुडि़यां डाल दें और हलका सा इत्र व तेल। बाथरूम में हलकी म्‍यूजिक वाला संगीत लगा दें। आपका बाथ टब आप दोनों के लिए तैयार है।

2. आपके पति आराम कर रहे हों, तो उनके सामने जायें और नाइट गाउन पहन कर खड़ी हो जायें।

3. उनसे कहें कि पानी तैयार है, चलकर नहा लें। यदि आप हलका सा परफ्यूम लगाये हुई हैं, तो वो खुद-ब-खुद आपकी ओर खिंचे चले आयेंगे।

4. बाथ टब में प्रेम की शुरुआत प्‍यार भरे चुंबन के साथ करें। चुंबन की शुरुआत सीने से करें और सीने से लग जायें। जब आपको लगे कि वो आपके करीब आ चुके हैं, तो उन्‍हें यौन क्रिया कि लिए उत्‍तेजित करें।

5. सबसे पहले अपने पति को बाथ टब में लेट जाने को कहें। फिर अपने नर्म हाथों से मसाज दें। मसाज के साथ लिपकिस उन्‍हें उत्‍तेजित कर देगा।

6. माना जाता है कि बाथ-टब में संभोग करने से गर्भ नहीं ठहरता, लेकिन फिर भी बेहतर होगा यदि आप अपने पार्टनर से कंडोम का प्रयोग करने को कहें। इससे पानी से होने वाले संक्रमण से बच सकते हैं।

कुल मिलाकर देखा जाये तो बाथ टब में सेक्‍स का मजा बेडरूम से कहीं ज्‍यादा होता है। प्रेम की इस अनुभ‍ूति को प्राप्‍त करने के लिए आपके ये प्रयास आपके प्‍यार भरे जीवन में प्रेम का असीम रस घोल सकते हैं। तो क्‍या आप आप अपने पति को यह सरप्राइज़ देने जा रही हैं?

बैठकर संभोग करने में अलग अनुभव

Sexual retionship    हर व्‍यक्ति चाहता है कि वो सेक्‍स के दौरान अपने पार्टनर को पूरी तरह संतुष्‍ट करे। यही नहीं खुद भी सेक्‍स की असीम अनुभूति में खो जाए। आप भी सोचते होंगे, रात को यादगार कैसे बनाया जाए। हो सकता है एक ही पोजीशन में सेक्‍स करते-करते भी आप ऊब गए हों।

आइये हम आपको बताते हैं कि आप अपने साथी के साथ गुजारी गई रात को कैसे बेहतरीन बना सकते हैं। यहां हम आपको कुछ टिप्‍स बताएंगे, जो वात्‍सयायन के कामसूत्र में दी गई हैं। इसके लिए पोजीशन बदलने की जरूरत है। एक बार लेटकर नहीं बल्कि बैठकर सेक्‍स करके देखिए। आपको और आपके पार्टनर को बेहतरीन अनुभूति का अहसास होगा। बैठकर संभोग करने की कुछ क्रियाएं इस प्रकार हैं-

बंधा (बांधने की पोजीशन)

इस स्‍थति में पुरुष और स्‍त्री एक दूसरे की ओर मुख कर बैठ जाएं। पुरुष अपने हाथ स्‍त्री की कोमल गर्दन पर रखे। स्‍त्री अपनी हथेलियां पुरुष के सीने पर रख दे। दोनों एक दूसरे को चुंबन लेने के लिए होठों को संपर्क में लाएं। अब दोनों एक दूसरे की जांघों को आपस में जकड़ दें और संभोग करें। यह पोजीशन आपको यौन आनंद के नए स्‍तर पर ले जाती है। असल में इस पोजीशन में दोनों शरीर एक दूसरे में बंध से जाते हैं।

 (लोटस पोजीशन)

जो लोग नियमित रूप से योग करते होंगे, वो इस पोजीशन को भलीभांति जानते होंगे। इसके लिए पुरुष को पद्मासन बनाकर बैठना होता है। यदि पैर मोड़ने में दिक्‍कत हो तो पैर सीधे भी रख सकते हैं। अब स्‍त्री अपने बाएं पैर का पंजा पुरुष की दायीं जांघ पर रखती है और दाया पंजा बायीं जांघ पर। स्‍त्री पार्टनर पुरुष को अपनी बाहों में भर ले। कमल की इस स्थिति में संभोग कर आप सेक्‍स की असीम अनुभूति प्राप्‍त कर सकते हैं।

कमल की स्थिति में संभोग को और ज्‍यादा रोमांटिक बनाया जा सकता है। उसके लिए पुरुष को अपने हाथों से अपने पैरों को पकड़ लेना होता है। स्‍त्री उसे अपने नरम पैर जब पुरुष की जांघों के संपर्क में आते हैं, तो उत्‍तेजना बढ़ जाती है। स्‍त्री यदि अपने पैर पुरुष के पीछे ले जाकर उसे जकड़ ले तो और अनुभूति दोगुनी हो जाती है।

 (बदलाव स्थिति)

संभोग करते वक्‍त पोजीशन बदलने की य स्थिति प्रेमियों को रोमांचक अनुभव प्रदान करती है। स्‍त्री-पुरुष अपने होठ एक दूसरे में सी दें। दोनों एक दूसरे को बाहों में जकड़ लें। स्‍त्री पुरुष की जांघों पर बैठ जाए। दोनों प्रेमी अपने पैर खोल दें। अब स्‍त्री अपना एक पैर पुरुष की गर्दन पर रख दे और पुरुष संभोग की क्रिया बना ले। संभोग करते वक्‍त स्‍त्री धीरे-धीरे अपना पैर नीचे की ओर लाए। इस दौरान स्‍त्री अगर अपनी कोमल हाथों से स्‍पर्श करे और पुरुष उसके वक्ष पर मसाज करे तो मजा बढ़ जाता है।

इन तीनों क्रियाओं में एक बात ध्‍यान रहे कि जबतक संभोग के दौरान पुरुष और सत्री मानसिक रूप से एक दूसरे में खो जाने के प्रयास नहीं करते तबतक स्‍स्‍वस्‍थ्‍य संभेाग नहीं कर सकते। और न ही बेहतरीन यौन सुख प्राप्‍त कर सकते हैं।

सेक्‍स: महिलाओं के लिए कुछ टिप्‍स

Relationship  क्‍या आप संभोग के अंतिम पड़ाव तक पहुंचने में असफल रहती हैं? संभोग के चरम आनंद तक पहुंचने में आपको कठिनाई होती है? या फिर रति निष्‍पत्ति से पहले ही आप ठंडी पड़ जाती हैं? यदि ऐसा है, तो घबराने की बात नहीं है। यह बात सच है कि पुरुष बिना किसी कठिनाई के संभोग के चरम आनंद तक पहुंच जाते हैं, लेकिन महिलाओं को वहां तक पहुंचने में समय लगता है।

कई बार महिलाएं अपने पति के साथ रोजाना संभोग करने के बाद भी खुश नहीं रहतीं। उसके पीछे एक कारण यह भी है कि उनके पार्टनर उनसे पहले ही चरम आनंद तक पहुंच जाते हैं और वो पीछे रह जाती हैं। ऐसा होने पर कम उम्र की लड़कियों को यह भ्रम हो जाता है कि उनमें कुछ कमी है। वहीं 35 की उम्र पार करने के बाद की महिलाएं सोचने लगती हैं कि अब उनके अंदर सेक्‍स की भावनाएं कम हो गई हैं। जबकि ऐसा नहीं है। 

पुरुष पार्टनर की भूमिका अहम 

चूंकि गर्भधारण के लिए महिलाओं में रति निष्‍पत्ति होना जरूरी नहीं है, इसलिए डॉक्‍टर भी इस बात को ज्‍यादा तरजीह नहीं देते। हाल ही में अमेरिका में इसी बात पर एक शोध किया गया। शोध में पता चला कि महिलाएं चाहें तो हर बार चरम आनंद प्राप्‍त कर सकती हैं। बस कुछ बातों को ध्‍यान में रखने की जरूरत है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका पुरुष पार्टनर की होती है। यदि वो सेक्‍स के बारे में ज्ञान रखता है और आपकी परवाह करता है तो वो आपको चरम आनंद तक पहुंचाने में जरूर मदद कर सकता है।

शोध में पाया गया है कि चरम आनंद तक पहुंचने में सबसे ज्‍यादा परेशानी 20 से 30 के बीच की उम्र में होती है। तकाम सेक्‍सोलॉजिस्‍ट कहते हैं कि यदि आप संभोग के दौरान चरम आनंद तक नहीं पहुंच पाती हैं, तो मैथुन करने के प्रयास करें। गुदा मैथुन चरम आनंद तक पहुंचने की क्रिया को सीखने में मदद करता है। एक शोध के मुताबिक 47 प्रतिशत स्त्रियां पहली बार मै‍थुन के दौरान ही चरम आनंद पर पहुंचती हैं। 

चरम आनंद के लिए कुछ टिप्‍स 

महिलाओं के साथ सबसे बड़ी समस्‍या यह है कि यदि संभोग के बीच में वो रुक जाती हैं, तो वापस वही भावनाएं लाने में काफी समय लगता है। जबकि पुरुष जहां पर रुकते हैं वहीं से शुरू करते हैं। इसलिए संभोग से पहले अपने आस-पास से ऐसी वस्‍तुओं जैसे मोबाइल फोन, अलार्म घड़ी, टेलीफोन, आदि को हटा दें जो आपको डिस्‍टर्ब कर सकती है। कमरे की रोशनी कम कर दें। 

इसके अलावा यदि आपको लगता है कि कोई बीच में आपके बेडरूम का दरवाजा खटखटा सकता है तो उसके लिए पहले से तैयार रहें। ऐसा होने पर एकदम से प्रतिक्रिया नहीं दें। सेक्‍स के दौरान सबसे महत्‍वपूर्ण होती हैं संभोग की क्रियाएं। यदि आपको चरम आनंद पहुंचने में दिक्‍कत आती है तो क्रियाएं बदल-बदल कर संभोग करें। 

अलग-अलग तरीके से सेक्‍स करने पर चरम सुख तक पहुंचने में आसानी होती है। सबसे अहम बात यह है कि आप बीच-बीच में अपने पार्टनर को इस बात का अहसास दिलाती रहें कि वे रति निष्‍पत्ति के लिए थोड़ा रुक जाएं, जाकि आपको समय मिल सके। इसके अलावा संभोग से पहले पार्टनर को फोर प्‍ले के लिए उकसाने से भी लाभ मिलता है।

दौड़ने से बढ़ती है यौन सक्रियता

Running Man  जो लोग नियमित तौर पर दौड़ लगाते हैं, उनका यौन जीवन उन लोगों की अपेक्षा ज्यादा सक्रिय होता है जो दौड़ नहीं लगाते। एक शोध के मुताबिक 10 में से एक दौड़ लगाने वाले (जागर्स) ने कहा कि वे अपने दैनिक जीवन में कम से कम एक बार यौन संबंध स्थापित करते हैं, जबकि तीन प्रतिशत जागर्स का कहना है कि वे दिन में दो बार संभोग का लुत्फ उठाते हैं।

समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक शोध के दौरान उन लोगों से भी बात की गई, जो दौड़ नहीं लगाए। ऐसे चार में से एक व्यक्ति का कहना था कि वह महीने में एक बार या फिर उससे भी कम बार यौन संबंध स्थापित करता है।


यह शोध 1000 जागर्ज और इतने ही उन लोगों पर किया गया, जो दौड़ नहीं लगाते हैं। शोध कराने वाली संस्था-स्यू रायडर केयर ने पाया कि 10 में से एक पुरुष जागर्स ने स्वीकार किया कि वे कसरत के दौरान यौन क्रिया के बारे में सोचते हैं।

दूसरी ओर, सिर्फ पांच प्रतिशत महिलाओं ने माना कि वे दौड़ने या फिर कसरत के दौरान यौन क्रिया के बारे में सोचती हैं। कसरत करने वाली कुल महिलाओं में से आधी यही सोचने में व्यस्त रहती हैं कि उन्हें कसरत से कितना लाभ हो रहा है।

कैसे बढ़ाएं सेक्‍स की भूख!

Sex Relationship    क्‍या आपको अपने पार्टनर के साथ सेक्‍स करने की भूख का अहसास होता है? या फिर क्‍या आपकी तमाम कोशिशों के बावजूद आपकी पार्टनर में सेक्‍स के प्रति भूख जागृत नहीं होती? यदि ऐसा है, तो इस लेख में आपको इसका हल जरूर मिल जाएगा। आइये देखें इस समस्‍या को कैसे हल कर सकते हैं।

कई घटनाएं जैसे बच्‍चा पैदा होना, गहरा तनाव होना, लड़ाई-झगड़े, किसी प्रिय की मृत्‍यु हो जाना, आदि के कारण सेक्‍स के प्रति रुझान घट जाता है। ऐसे में सेक्‍स के प्रति भूख मर जाती है। यही नहीं संभोग करने पर भी चरम आनंद नहीं मिल पाता है।

ऐसे में आप अपनी पार्टनर को सेक्‍स के लिए प्रेरित करने के अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं। यहां पर हम आपको बताएंगे कि सेक्‍स की भूख को कैसे बढ़ाएं।


सबसे पहला आकर्षण करीब आने से बढ़ता है। ऐसे में अपनी पार्टनर के करीब जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप पूरी तरह साफ और सुंदर दिख रहे हैं। क्‍योंकि आपके चेहरे के एक्‍सप्रेशन ही उसे आपकी ओर आकर्षित करेंगे, जिससे उसके अंदर सेक्‍स की भूख जागेगी।

पुरुषों और महिलाओं दोनों के साथ अलग-अलग स्थितियां होती हैं। पुरुष अपनी स्‍त्री पार्टनर के आकर्षण से आकर्षित हो जाता है, जबकि महिलाओं के लिए सेक्‍स से पहले भावनात्‍मक रूप से करीब आना जरूरी होता है। जबतक आप भावनात्‍मक रूप से करीब नहीं जाएगे, तब तक वो आपके करीब नहीं आएगी। हालांकि दोनों के लिए प्रेम भरी बातें काफी महत्‍व रखती हैं।


तनाव की स्थिति में भी यदि आपकी पार्टनर आपके करीब आ जाती है, तो ऐसी बातें करें, जिससे उसका तनाव कम हो सके। यदि वो दु:खी है तो उसका दु:ख कम करने की कोशिश करें। यहां पर आपके मुंह से निकले शब्‍द काफी अहम होते हैं, क्‍योंकि बातों ही बातों में आपको अपने पार्टनर का रुख सेक्‍स की ओर करना है।

अच्‍छा होगा यदि आप ऐसे समय में अपने पिछली रातों के अनुभवों को रखते हुए अपनी पार्टनर को बाहों में भर लें। फिर धीरे-धीरे उसके सौम्‍य व कोमल शरीर के अंगों की तारीफ करें। धीरे-धीरे उन अंगों को भी स्‍पर्श करें, जिनकी आप तारीफ कर रहे हैं। यहां पर आप किसी फिल्‍म के सेक्‍सी सीन की बात भी कर सकते हैं।

ऐसी बातें बिलकुल न करें, जिससे आपकी पार्टनर दोबारा अपनी पिछली बातों को याद कर दु:खी या तनाव में आ जाए। आमतौर पर संभोग के दौरान स्त्रियों को चरम आनंद तक पहुंचने में काफी समय लगता है। पुरुषों के लिए अच्‍छा होगा, यदि उन्‍हें चरम आनंद तक पहुंचने में मदद करें।

इन बातों से आपको यह अहसास हो ही गया होगा कि सेक्‍स का अंतिम चरण संभोग ही नहीं होता। एक दूसरे को पूरी तरह संतुष्‍ट रखने से ही आपसी प्‍यार बढ़ता है।

कहीं आपको सेक्‍स की लत तो नहीं?

Sex Relationship   क्‍या आपको बार-बार सेक्‍स करने का मन करता है? क्‍या आप किसी महिला को देखते ही उत्‍तेजित होने लगते हैं? क्‍या आपसे रोज़ाना मैथुन किए बगौर रहा नहीं जाता? या फिर आपको पोर्न मूवीज़ व चित्र देखना बहुत पसंद है। यदि ऐसा आपके साथ होता है, तो सतर्क हो जाइये, क्‍योंकि ये सभी सेक्‍स की लत लग जाने के गुण हैं। आप सोच रहे होंगे, धूम्रपान, मदिरापान, चाय, आदि की लत तो सुनी थी लेकिन सेक्‍स की लत भी क्‍या किसी को लगती है। 

सेक्‍स तो एक प्राकृतिक क्रिया है, इसे लत का नाम कैसे दिया जा सकता है... आपके मन में उठ रहे सवाल लाज़मी हैं, लेकिन यह मत भूलें कि हर वो चीज़ जो सामान्‍य से अधिक हो वो लत है और बुरी लत हमेशा व्‍यक्ति को पर नकारात्‍मक असर छोड़ती है। 

क्‍या है सेक्‍स की लत 

चलिए हम आपको बताते हैं कि आखिर सेक्‍स कब बुरी लत में बदल जाता है। इसे सेक्‍सुअल एडिक्‍शन भी कहते हैं। सीधी भाषा में कहें तो जब यौन क्रियाएं कंट्रोल से बाहर हो जाएं तो उसे सेक्‍स की लत कहते हैं। जिस व्‍यक्ति को यह लत लग जाती है वो अपना अधिकांश समय यौन क्रियाओं में व्‍यतीत करना पसंद करता है। उसे जब मौका मिलता है, तब वो सेक्‍स के बारे में सोचने लगता है। इससे उसके व्‍यवहार में भी बदलाव आता है, जिसका असर उसके निजी, सामाजिक और व्‍यवसायिक जीवन में पड़ता है। ऐसे लोगों के लिए सेक्‍स उनके परिवार, दोस्‍तों और काम से ऊपर होता है। 

आम तौर पर यह लत टीन एज में लगती है। कई लोग कुछ दूरी तक जाकर संभल जाते हैं, लेकिन जो लोग शुरु में नहीं संभते हैं, वे 40 की उम्र के बाद तक सेक्‍स के लिए लालायित रहते हैं। यह लत भी ठीक उसी प्रकार लगती है, जैसे शराब या धूम्रपान की। सेक्‍स के दौरान हमारे शरीर से एक प्रकार का द्रव्‍य निकलता है, जो हमें असीम यौन सुख का अहसास कराता है। कुछ लोग जो बार-बार यौन सुख की अनुभूति की चाह रखते हैं, उन्‍हें यह लत जल्‍दी लग जाती है। उनकी लत की शुरुआत मैथुन यानी मास्‍टरबेशन से होती है। बंद कमरे में वो बार-बार मैथुन करते हैं। 



मौका मिलने पर पोर्न वेबसाइट, किताबें या फिल्‍में देखते हैं। कई बार तो फिल्‍म देखते-देखते ही मैथुन करने लगते हैं। ऐसे लोग उन घरों में ताका-झांकी करने से भी पीछे नहीं रहते हैं, जहां लड़कियां रहती हैं। यह केवल लड़कों के साथ ही नहीं लड़कियों को भी सेक्‍स की लत लग जाती है, तो वो भी ऐसा ही करने लगती हैं। जाहिर है हद से ज्‍यादा मैथुन करने के भी दुष्‍प्रभाव हैं। उसका सीधा असर स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। 

ऐसे लोग ज्‍यादातर अकेले रहन पसंद करते हैं। लोगों से घुलने-मिलने में उन्‍हें काफी परेशानी होती है, वो इसलिए क्‍योंकि उनके मन में हमेशा यह सवाल गूंजता रहता है कि वो सेक्‍सुअली कमजोर हैं। इसका असर उनके कॅरियर पर भी पड़ता है। कई बार जहां सेक्‍स की बातें चल रही हों, वहां उनके मन में अपने प्रति हीन भावनाएं आने लगती हैं। 

इस लत के और भी असर होते हैं। इंटरनेट के माध्‍यम से फ्री क्‍लासीफाइड पर पर्सनल विज्ञापन देकर डेटिंग करना आम है। ऐसे लोग मौका मिलने पर वेश्‍यावृत्ति के समय सोचते नहीं हैं। कई बार असुरक्षित यौन संबंध तक स्‍थापित कर बैठते हैं। जिस कारण उन्‍हें यौन जनित रोग लगने का खतरा रहता है। 

इंटरनेट पर जब भी किसी से चैट करते हैं, तो घुमा-फिरा कर अपनी बातों को सेक्‍स की ओर ले जाते हैं। ऐसे लोगों को टेलीफोन पर सेक्‍स की बातें करना पसंद होता है। ऐसे पुरुषों के अंदर लड़कियों का यौन शोषण करने की प्रवृत्ति ज्‍यादा होती है। क्‍योंकि उनके मन में हमेशा हर काम के बदले में सेक्‍स की चाहत होती है। इन्‍हीं कारणों से सेक्‍स की लत लगने पर सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। अब अगर पारिवारिक जीवन की बात करें तो जीवन साथी से रिश्‍ते टूटने की बात तभी आती है, जब आपका अफेयर किसी अन्‍य से भी हो। सेक्‍स की लत लगने पर व्‍यक्ति एक से अधिक लोगों से संबंध तक बनाने में पीछे नहीं हटते। 

जब स्त्रियों को लगती है सेक्‍स की लत 

सेक्‍स की लत सिर्फ पुरुषों को ही नहीं लगती है, स्त्रियां भी इसका शिकार हो सकती हैं। ऐसा होने पर वो भी पोर्नोग्राफी, टेलीफोन सेकस, इंटरनेट सेक्‍स, आदि करने लगती हैं। यही नहीं उन्‍हें भी जब अकेले मौका मिलता है तो वो भी मैथुन करती हैं। यही नहीं ऐसी स्त्रियां भी एक से ज्‍यादा लोगों से संबंध स्‍थापित करने में पीछे नहीं हटतीं। कई बार लड़कियां वेश्‍यावृत्ति में भी पड़ जाती हैं। 

यही कारण है कि 40 प्रतिशत लड़कियों का अनचाहा गर्भधारण इसी लत की वजह से होता है। हाल ही में हुए एक अध्‍यन की मानें तो सेक्‍स एडिक्‍शन की वजह से 70 प्रतिशत लोगों के वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है। 40 प्रतिशत के साथी उन्‍हें छोड़ देते हैं। 72 प्रतिशत आत्‍महत्‍या के प्रयास करते हैं, 68 प्रतिशत लोग यौन जनित बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं और 27 प्रतिशत लोगों का कॅरियर चौपट हो जाता है। ये आंकड़े पुरुष और स्त्रियों दोनों पर हुए अध्‍यन के हैं।

   

बच्‍चा पैदा होने के बाद सेक्‍स

Pregnant Woman  यदि आपकी जीवन संगिनी गर्भावस्‍था से गुजर रही है और डॉक्‍टर ने आपको सेक्‍स करने से मना किया है, तो यह मत सोचिए कि बच्‍चा पैदा होने के तुरंत बाद आप संभोग कर सकेंगे। तमाम पुरुष सोचते हैं कि बच्‍चा पैदा होने के तुरंत बाद वे अपनी संगिनी के साथ यौन संबंध स्‍थापित कर सकते हैं, लेकिन जो लोग ऐसा सोचते हैं या करते हैं, वे गलत हैं। इससे स्‍त्री के स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचता है।

यदि आप यह सोचते हैं कि बच्‍चा पैदा होने के बाद आपको अपनी पत्‍नी से उतना ही यौन सुख मिलेगा, जितना मिलता आया है, तो भी आप गलत हैं। सबसे अहम बात यह है कि बच्‍चे को जन्‍म देना एक महिला के लिए सबसे कठिन प्रक्रिया होती है। लोगों को देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन बच्‍चा पैदा होते वक्‍त महिला जीवन और मौत के बीच से गुजरती है।



इस प्रक्रिया के बाद योनी की मासपेशियां खिंचने के साथ-साथ टूट जाती हैं। इसी लिए डिलीवरी के दौरान असहनीय दर्द होता है। कई बार तो मासपेशियों से रक्‍त तक बहने लगता है। ऐसे में यदि आप डिलीवरी के एक दो दिन बाद ही संभोग करना स्‍त्री के लिए कष्‍टदायक हो सकता है। डॉक्‍टरों के मुताबिक नॉर्मल डिलीवरी के करीब छह सप्‍ताह तक संभोग नहीं करना चाहिए। उसके बाद भी डॉक्‍टर की सलाह लें तो अच्‍छा रहता है। क्‍योंकि मासपेशियों के घाव को भरने में पांच से छह सप्‍ताह तक लग ही जाता है। ऐसे में अगर आप सेक्‍स करेंगे तो योनी में इंफेक्‍शन होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

सेक्‍स के प्रति उदासीनता की बात करें तो आमतौर पर स्त्रियां डिलीवरी के बाद इसके प्रति उदासीन हो ही जाती हैं। उनके अंदर हार्मोर्न्‍स में परिवर्तन के कारण ऐसा होता है। यही नहीं इस कारण उन पर मानसिक दबाव भी बढ़ जाता है। बहुत कम महिलाएं होती हैं, जिनके साथ ऐसा नहीं होता। इसलिए हो सकता है डिलीवरी के तीन-चार महीने बाद भी स्‍त्री के अंदर सेकस करने की चाह नहीं उठे।



ऐसे में बच्‍चे की मां और पिता दोनों की जिम्‍मेदारी बनती है कि वे छह महीने तक संभोग से बचना चाहिए। यही नहीं यदि स्‍त्री पास आने के लिए मना कर दे तो उसे लेकर झगड़ा नहीं करना चाहिए। सबसे बड़ी बात यह है कि डिलीवरी के छह महीने के बाद भी स्त्रियां जब संभोग करती हैं तो चरम सीमा तक पहुंचने में उन्‍हें काफी दिक्‍कत होती है। लेकिन ऐसा लगभग सभी के साथ होता है।

हां आप अपने साथी को करीब लाने के लिए ओरल सेक्‍स कर सकते हैं, लेकिन उसमें भी ऐसा कोई काम न करें, जिससे स्‍त्री के घावों में दर्द होता हो। सबकुछ नॉर्मल होने के बाद भी अगर संभोग करें तो कॉन्‍ट्रासेप्टिव का इस्‍तेमाल करना मत भूलें, क्‍योंकि ऐसे में महिलाओं के अंदर दोबारा गर्भधारण के चांस बढ़ जाते हैं।

  

लिंग में भी हो सकता है फ्रेक्‍चर!

Man in Tension




हाथ, पैर, कमर, आदि के फ्रेक्‍चर के बारे में आप हमेशा से सुनते आए होंगे, लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि आपके लिंग में भी फ्रेक्‍चर हो सकता है? यह सवाल आपको बड़ा अटपटा लगा होगा। सोच रहे होंगे आखिर बगैर हड्डी के फ्रेक्‍चर कैसे हो सकता है, लेकिन यह सही है। असल में लिंग की ऊतक यानी टिश्‍यूज़ जब टूट जाती हैं, तो उसे पेनाइल फ्रेक्‍चर कहते हैं। इसे ब्रोकेन पेनिस भी कहा जाता है।

कामसूत्र में कहा गया है कि संभोग प्रेम का स्‍वरूप है। अब प्रेम के इस स्‍वरूप में अगर आप उत्‍तेजना में आकर भयावह रूप धारण कर लेते हैं, तो आपको या आपकी संगिनी दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। पुरुषों की बात की जाए तो ज्‍यादा उत्‍तेजित होकर गलत ढंग से सेक्‍स करने से पेनाइल फ्रेक्‍चर हो सकता है। यही नहीं अचानक चोट लगने से भी ऐसा हो सकता है।



चिकित्‍सकों के मुताबिक लिंग के अंदर दो नलियां होती हैं, जो मांसपेशियों के बीच से होकर जाती हैं। ये वो मांसपेशियां होती हैं, जो सेक्‍स के समय कड़ी हो जाती हैं। जिस समय लिंग कड़ा व मोटा हो जाता है, तब मांसपेशियों में खिंचाव होता है। ऐसी स्थिति में यदि टिश्‍यू पर आघात पहुंचता है तो वो टूट जाती हैं। उस दौरान हलका स खून भी निकलता है। लिंग में सूजन आ जाती है। लिंग नीला पड़ जाता है। लिंग एकदम से ढीला पड़ जाता है, लेकिन उसमें सूजन बनी रहती है। ऐसी स्थिति में असहनीय दर्द उठता है। पेनाइल फ्रेक्‍चर लिंग को जबरदस्‍ती मोड़ने या मरोड़ने से भी हो जाता है। संभोग के दौरान पेनाइल फ्रेक्‍चर होने का खतरा सबसे अधिक तब होता है जब स्‍त्री पुरुष के ऊपर होती है। यही नहीं फोर-सेक्‍स के दौरान भी ऐसा संभव है। 


सर्जरी ही इसका इलाज 

क्‍या आपके लिंग में कड़ापन नहीं आता?

Man in bedroom क्‍या आप संभोग के दौरान सफल नहीं हो पाते हैं, क्‍या आपके लिंग में कड़ा पन नहीं आता या आप के अंदर उत्‍तेजना काफी देर से पैदा होती है? पुरुषों की लव लाइफ के लिए लिंग में कड़ा पन न‍हीं आना खतरनाक साबित हो सकता है। इसे अंग्रेजी में इलेक्‍टाइल डाइस्‍फंशन कहते हैं। सीधे शब्‍दों में इसे नपुंसकता कहा जाता है। अगर ऐसा है, तो आप कुछ जरूरी बातों का पालन कर इससे काफी हद तक कम या खत्‍म कर अपनी पार्टनर को संतुष्‍ट कर सकते हैं। 

सबसे पहले हम बात करेंगे इसके पीछे के कारणों की। लिंग में कड़ा पन नहीं आने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं-

1. पत्‍नी से बिगड़ते संबंध: यदि आपकी पत्‍नी से आपके संबंध अच्‍छे नहीं हैं और आप दोनों के अंदर संभोग की चाहत खत्‍म हो चुकी है, तो धीरे-धीरे लिंग में कड़ापन आना कम होने लगता है। एक समय ऐसा आता है, जब आप चाह कर भी संभोग नहीं कर पाते। लिहाजा सेक्‍स लाइफ को लंबे समय तक बनाये रखने के लिए पति-पत्‍नी के बीच मधुर संबंध होना जरूरी है।

2. संभोग नहीं करना: मधुर संबंध होते हुए भी यदि आपने पत्‍नी से संभोग करना बंद कर दिया है या कम कर दिया है, तो टेस्‍टोस्‍टीरोन का बनना कम हो सकता है, जिस वजह से लिंग में कड़ापन आने में दिक्‍कत होने लगती है।

3. अन्‍य कारण: धूम्रपान करने, शराब पीने, जरूरत से ज्‍यादा मा‍नसिक तनाव, जरूरत से ज्‍यादा आलस्‍य, अवसादग्रस्‍त होने, आदि से भी लिंग में कड़ापन कम हो जाता है। इसके अलावा डायबटीज़, कोलेस्‍ट्रॉल, किडनी संबंधी बीमारियां और हाई व लो ब्‍लड प्रेशर भी नपुंसकता के कारण हो सकते हैं।

नपुंसकता का सबसे बड़ा दुष्‍प्रभाव शादी-शुदा जीवन पर पड़ता है। सबसे ज्‍यादा तलाक भी इसी के कारण होते हैं। यदि लिंग में कड़ापन आने से पहले, या कड़ापन आते ही वीर्य निकल जाता है, यदि संभोग शुरू करते ही वीर्य निकल जाता है, तो यह सभी नपुंसकता की निशानी हैं। यदि संभोग के दौरान आपका वीर्य निकलने से पहले ही आपके ब्‍लैडर में वापस चला जाता है, तो भी यह खतरनाक है।

यदि आपके साथ ऐसा होता है, तो घबराने की बात नहीं है। आप बिना किसी संकोच के सीधे किसी अच्‍छे गुप्‍तरोग विशेषज्ञ की सलाह लें। इरेक्‍टाइल डाइस्‍फंशन में वियाग्रा या लेविट्रा जैसी दवाएं दी जाती हैं।

ऐसा होने पर पत्‍नी के भरपूर सहयोग की जरूरत पड़ती है। यदि आपके पति के साथ ऐसी समस्‍याएं हैं, तो उनके मनोबल को गिरने मत दें। आप पहले की तरह ही उत्‍तेजक कपड़ों में उनके सामने जायें और उन्‍हें सेक्‍स के लिए प्रेरित करें। किस, फोरसेक्‍स, आदि जारी रखें। हो सकता है शुरू में विफलता हाथ लगे, लेकिन सही इलाज के बाद आपको सफलता जरूर मिल सकती है।

इस बात को लेकर ज्‍यादा सोचने की जरूरत नहीं है। जरूरी नहीं है कि आपके लिंग में किसी विकृति की वजह से ऐसी समस्‍या आयी है। इसके कई अन्‍य कारण भी हो सकते हैं।

क्‍या मजा किरकरा कर देता है कंडोम?

Love and Relationship 


  यौन संबंध हमेशा सुरक्षित होने चाहिये यानी कंडोम के प्रयोग से कभी परहेज नहीं करना चाहिये। यह आपको तमाम यौन जनित बीमारियों से बचाता है, लेकिन फिर भी ज्‍यादातर महिलाएं बिना कंडोम के संभोग करना पसंद करती हैं। उनका मानना है कि कंडोम से यौन क्रिया का मजा किरकिरा हो जाता है। यही नहीं बिना कंडोम के सेक्‍स मानसिक संतुष्टि प्रदान करता है। 


महिलाओं के लिए संभोग के दौरान संतुष्टि ना केवल चरमसीमा तक पहुंचना होता है, बल्कि जितनी देर संभोग करें उतनी देर मज़ा अनोखा, अदभुत और नया होना चाहिये। हाल ही में मुंबई की संस्‍था ने एंटी एचआईवी कैंपेन के तहत एक सर्वेक्षण कराया जिसके मुताबिक 72 प्रतिशत महिलाएं बिना कंडोम के सेक्‍स करना पसंद करते हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश यह मानती हैं कि बिना कंडोम के सेक्‍स से प्रेगनेंसी का डर बना रहता है, लेकिन फिर भी उन्‍हें अच्‍छा लगता है।

सर्वेक्षण के मुताबिक 28 प्रतिशत मेहिलाएं कंडोम के साथ संभोग इसलिए पसंद करती हैं, क्‍योंकि उससे यौन जनित बीमारियों व गर्भधारण का खतरा नहीं रहता। लिहाजा वो निश्चिंत होकर सेक्‍स कर पाती हैं। वहीं पुरुषों में 68 प्रतिशत कंडोम के बिना संभोग पसंद करते हैं, वहीं 32 प्रतिशत कंडोम के इस्‍तेमाल को प्राथमिकता देते हैं।
3500 लोगों पर हुए इस सर्वेक्षण की इस रिपोर्ट ने चौंकाने वाले तथ्‍य सामने रखे हैं। एंटी-एड्स कैंपेन के अंतर्गत कराये गये इस सर्वेक्षण से पता चलता है कि आज भी लोग एचआईवी जैसी बीमारियों से बचने से ज्‍यादा सेक्‍स के मजे को प्राथमिकता देते हैं। यह एक तरह से लोगों के लिए काफी बड़ा खतरा है।

Thursday, September 8, 2011

गलतियां जो महिलाएं बिस्‍तर पर करती हैं

Woman in bedroom       
जब-जब बात लव और सेक्‍स की आती है, तो महिलाएं खुद को पुरुषों से आगे मानती हैं। ज्‍यादातर महिलाएं सोचती हैं कि सेक्‍स के मामले में वे पुरुषों से ज्‍यादा बेहतर हैं, लेकिन उन्‍हें पता नहीं होता कि संभोग के दौरान कितनी सारी गलतियां वे कर जाती हैं और उन्‍हें पता तक नहीं चलता। क्‍या आपको नहीं लगता कि अपने पार्टनर के साथ संभोग करते वक्‍त आप भी कुछ गलतियां कर बैठती हैं।

चलिये हम आपको बताते हैं वो कौन सी गलतियां हैं, जो अक्‍सर महिलाएं बिस्‍तर पर करती हैं।

सबसे पहले हम आपको बता दें कि बेड पर की गईं गलतियां आप और आपके पार्टनर के बीच रिश्‍तों पर भी प्रभाव डालती हैं। यदि आप शादीशुदा हैं, तो यह लेख आगे आपको मदद देगा, यदि आप जल्‍द शादी करने जा रही हैं, तो आप अभी से तैयार हो सकती हैं।

1. सबसे आम गलती जो महिलाएं करती हैं वो ये कि बिस्‍तर पर जाने के बाद वे सिर्फ खुद के बारे में सोचती हैं। उन्‍हें अपने पार्टनर की परवाह नहीं होती। बात अगर प्‍यार की हो तो उसमें एक तरफा प्‍यार कभी नहीं होना चाहिए।

2. कुछ महिलाएं आदमी को मशीन समझती हैं। वो सोचती हैं कि जब तक वे खुद संभोग की चरम सीमा तक नहीं पहुंच जायें, तब तक उनका पार्टनर भी नहीं पहुंचे। जबकि सही मायने में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में रतिनिष्‍पत्ति जल्‍दी होता है। ऐसे में पुरुष पार्टनर कई बार सेक्‍स को बोझ समझने लगते हैं, क्‍योंकि महिलाएं संभोग के दौरान जल्‍दी थकती नहीं।

3. एक बड़ी गलती यह कि महिलाएं यौन क्रिया के लिए पहले से तैयार नहीं होतीं। इस वजह से यौन संबंध के लिए उत्‍तेजित करने में काफी समय लगता है।

4. जो महिलाएं अपने शरीर के अनचाहे बालों को नहीं हटाती हैं, वो असल में अपनी यौन क्रिया को प्रभावित करती हैं। कई बार उन बालों के कारण पुरुषों का मन पहले से ही ऑफ हो जाता है।

5. कई बार महिलाएं अपने पार्टनर के सामने कपड़े उतारने में झिझकती हैं, वे खुद को चादर से ढकने की कोशिश करती हैं, बल्कि सच तो यह है कि यदि आप अपने पार्टनर के सामने निर्वस्‍त्र होंगी, तो उसका ज्‍यादा अच्‍छा प्रभाव पड़ेगा। कभी खुद से कपड़े उतारने की पहल नहीं करनी चाहिये, इसमें पार्टनर का सहयोग जरूर लें।

6. पुरुषों को तब अच्‍छा लगता है, जब आप उनके शरीर पर कोमल स्‍पर्श करें। उत्‍तेजना में आकर आक्रामक स्‍पर्श या पार्टनर के अंगों को कस के दबा देने, नोचने या काटने से उनके अंदर की यौन इच्‍छा को कम करता है।

उम्‍मीद है आप इन छह बातों का जरूर ध्‍यान रखेंगी। क्‍योंकि इसी प्रकार की तमाम जानकारियों को प्राप्‍त आप अपने यौन जीवन को सुखद एवं प्‍यार भरा बना सकती हैं।

क्‍या पीरियड में संभोग करना सुरक्षित है?

Lovemaking    बात जब प्रेम और यौन संबंधों की हो तो हर कोई उसका असीम सुख प्राप्‍त करने की इच्‍छा व्‍यक्‍त करता है। लेकिन कई बार कुछ कारणवश आपका यौन संबंध स्‍थापित करने का मूड तब खराब हो जाता है जब आपकी पार्टनर पीरियड यानी मासिक धर्म से होती है। लोगों का मानना है कि पीरियड के दौरान संभोग करना सेहत के लिए बेहद खतरनाक है, लेकिन क्‍या यह बात वाकई में सत्‍य है या नहीं चलिये आज हम जानने की कोशिश करते हैं।

पहले बात करेंगे उस सर्वेक्षण की जो हाल ही में किया गया है। सर्वेक्षण में 1000 से ज्‍यादा लोगों से बात की गई और पूछा गया कि क्‍या वो उस दौरान संभोग करते हैं, जब उनकी पार्टनर के मेंसुरेशन चल रहे होते हैं। 90 प्रतिशत पुरुषों ने जवाब दिया नहीं वो उस दौरान संभोग नहीं करते, क्‍योंकि उन्‍हें लगता गंदगी महसूस होती है। वहीं 27 प्रतिशत ने कहा कि संभोग करते हैं, लेकिन मन में इंफेक्‍शन का डर बना रहता है। महिलाओं में 67 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वो मेंसुरेशन के दौरान सेक्‍स करती हैं या नहीं यह उनके पार्टनर पर निर्भर करता है, लेकिन पीरियड के दौरान सेक्‍स का मजा कई गुना बढ़ जाता है।

कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्‍होंने शुरुआत में अपनी पार्टनर से पीरियड के दौरान संभोग करने की कोशिश की, लेकिन अब नहीं करते। उनका मानना है कि ऐसे समय में संभोग करने से मानसिक तनाव सा बना रहता है। उस वजह से रोमांटिक नहीं हो पाते।

डॉक्‍टर की राय

दिल्‍ली के मेहरौली में निजी प्रेक्टिस करने वाले डॉक्‍टर शैशेश कुमार श्रीवास्‍तव की मानें तो पीरियड के दौरान बिना कंडोम संभोग करने से दोनों को ही संक्रमण का खतरा बना रहता है। यही नहीं ऐसे समय में यौन जनित बीमारियों (सेक्‍सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज) के होने का खतरा ज्‍यादा रहता है। इस दौरान संभोग करने से पुरुष से ज्‍यादा खतरा स्‍त्री को होता है। संभोग के कारण यूटरस से निकलने वाला द्रव्‍य पीछे की ओर चला जाता है और फिर जम जाता है, जो संक्रमण का कारण बनता है। इस वजह से यूटरस के अंदर इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्‍टर का कहना है कि इससे मेंसुरेशन पूरी तरह नहीं हो पाता है और उसकी साइकिल अधूरी रह जाती है। ठीक तरह से मेंसुरेशन नहीं होना भी यूटरस संबंधी बीमारियों का कारण है। पीरियड में संभोग करने से गर्भ ठहरता है, या नहीं इस पर डा. श्रीवास्‍तव का जवाब था हां। उन्‍होंने कहा कि पीरियड में संभोग करने से प्रेगनेंट होने के चांस सबसे ज्‍यादा होते हैं।
 

यौन क्रिया के बाद क्‍या चाहती हैं महिलाएं

Relationship      आमतौर पर पुरुष संभोग के तुरंत बाद या तो सो जाते है, या फिर अपनी पार्टनर से दूर बैठ जाते हैं। ऐसा करने पर कई बार पार्टनर का मूड खराब भी हो जाता है। क्‍या आपके साथ भी ऐसा होता है? क्‍या आपकी पार्टनर भी प्‍यार की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद रूठ जाती है। शायद इसमें आपकी भी गलती हो सकती है, क्‍योंकि महिलाएं यौन क्रिया के बाद भी आपका प्‍यार चाहती हैं।

कुछ बातें हम आपको बताएंगे, जिनका पालन कर आप अपने और अपनी पार्टनर के बीच सकारात्‍मक फर्क जरूर महसूस करेंगे।

1. सेक्‍स के तुरंत बाद कभी सोयें नहीं। इससे महिला को लगता है कि आप सिर्फ मतलब से उसके करीब आते हैं।

2. संभोग के बाद आप अपनी पार्टनर के साथ स्‍पून फिटिंग पोज़ीशन में लेट जायें जैसे दो चम्‍मच एक दूसरे में फिट हो जाते हैं। और अपने हाथों से हलके-हलके स्‍पर्श करते हुए प्‍यार की बाते करें। इससे महिला अपने आपको सुरक्षित महसूस करती है।

3. प्‍यार की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद भी महिलाएं अपने पार्टनर से बातें करना पसंद करती हैं। ऐसे में यदि आप मीठा सा चुंबन लेंगे, तो उन्‍हें अच्‍छा लगेगा।

4. यदि आप खासतौर से अपनी पार्टनर के मन की बात जानना चाहते हैं कि वे सेक्‍स के बाद क्‍या चाहती है, तो स्‍पून फिटिंग पोज़ीशन में उनसे पूछें कि उन्‍हें कैसा लग रहा है। वो खुद ब खुद अपनी इच्‍छाएं बयान कर देंगी। उनकी इच्‍छाओं को पूरा करके आप अपने प्‍यार भरे जीवन में खुशियां दुगनी कर सकते हैं।
  
5. संभोग के बाद आप अपनी पार्टनर से पूछें कि उन्‍हें कैसा लगा, कौन सी यौन क्रिया में उन्‍हें सबसे ज्‍यादा आनंद आया, प्‍यार के वक्‍त उन्‍हें क्‍या चीज़ सबसे अच्‍छी लगी, आदि। उन बातों को अगली बार आज़माकर आप अपनी पार्टनर के और ज्‍यादा करीब जा सकते हैं।

6. ऐसा बहुत कम होता है कि महिला दोबारा संभोग के लिए कहे। महिलाएं कभी भी प्‍यार के बाद आराम नहीं चाहती, जबकि अधिकांश पुरुष इस क्रिया के बाद सोना पसंद करते हैं। यदि आपकी पार्टनर दोबारा संभोग के लिए कहे, तो मना मत करिये, क्‍योंकि ऐसा चांस जल्‍दी नहीं आता।

मैथुन से होने वाले फायदे

 Woman


हमारे समाज में मैथुन को लोग गलत मानते हैं। एक अध्‍ययन के मुताबिक 94 प्रतिशत पुरुष और 89 प्रतिशत महिलाएं जीवन में एक ना एक बार मैथुन जरूर करती हैं। इसे लेकर लोगों में तमाम भ्रम भी हैं। लोग कहते हैं कि इससे शारीरिक कमजोरी आती है और व्‍यक्ति की यौन क्षमता प्रभावित होती है, लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में मैथुन से होने वाले फायदे सामने आये हैं।

मैथुन से भ्रम के बारे में हम पहले पढ़ चुके हैं (क्लिक करें और लेख पढ़ें)। आज बात करेंगे मैथुन से होने वाले फायदों की। मैथुन से निम्‍न फायदे होते हैं:-

1. मैथुन करने से पुरुष और महिलाओं दोनों में तनाव कम होता है।
2. यह व्‍यक्ति के आत्‍मसम्‍मान को बढ़ाता है।
3. शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
4. जल्‍दी और अच्‍छी नींद आती है।
5. दिमाग में तनाव पैदा करने वाली नसों को ढीला करता है, जिससे रक्‍त चाप जैसी बीमारी नहीं होती।
6. महिलाओं में मैथुन की वजह से मासिक धर्म (मेंसुरेशन) से संबंधित विकार पैदा नहीं होते।
7. व्‍यक्ति को अवसाद से बचाता है।
8. रक्‍त प्रवाह को आसान बनाता है, जिस वजह से ब्‍लड प्रेशर हाई नहीं होता।
9. मैथुन करने वाले पुरुषों में प्रोस्‍टेट कैंसर का खतरा कम होता है।
10. अनिद्रा की बीमारी का प्राकृतिक इलाज है यह।
11. सिरदर्द, बदन दर्द से छुटकारा दिलाता है।

12. यह वो यौन क्रिया होती है, जो व्‍यक्ति को यौन जनित बीमारियों से बचाती है और अनचाही प्रेगनेंसी रोकती है।
13. इससे व्‍यक्ति अपने पार्टनर के सामने अपनी सेक्‍सुअल फीलिंग्‍स को अच्‍छी तरह रख पाता है।
14. यह यौन अंगों के सामान्‍य रूप से काम नहीं करने का इलाज है।

मैथुन के दुष्‍प्रभाव

1. जरूरत से ज्‍यादा मैथुन करने से यौन अंग कमजोर पड़ जाते हैं।
2. जरूरत से ज्‍यादा मैथुन के कारण व्‍यक्ति सामाजिक जीवन से कटने लगता है। उसे अकेलापन ही अच्‍छा लगने लगता है, जो हानिकारक है।
3. अत्‍याधिक मैथुन से व्‍यक्ति के यौन अंगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

कंडोम से परहेज करते हैं टीनेजर्स

  टीनेजर्स के अंदर अपनी यौन इच्‍छाओं को पूरा करने की ललक हमेशा से ज्‍यादा रही है। जीवन का यह दौर ऐसा होता है, जिसमें बच्‍चे बिना सोचे समझे कई ऐसे काम कर जाते हैं, जिनके परिणाम काफी खतरनाक हो सकते हैं। इन्‍हीं में से एक है असुरक्षित यौन संबंध स्‍थापित करना। जी हां एक शोध में यह पाया गया है कि ज्‍यादातर टीनेजर्स सेक्‍स करते वक्‍त कंडोम का प्रयोग नहीं करते।

वो सोचते हैं कंडोम से सेक्‍स का अनुभव फीका पड़ जाता है। जबकि ऐसा करने से वो अनचाहे गर्भधारण, एड्स और यौन संचारित रोगों को दावत देते हैं। अभी तक यौन संचारित रोगों का मुख्‍य कारण अज्ञानता ही बताया जाता था, लेकिन एक अध्‍ययन में यह पता चला है कि युवाओं में सेक्‍स के बेहतर अनुभव की ललक भी ऐसे रोगों को दावत दे रही है।


ब्रेडली हैस्‍ब्रो चिल्‍ड्रेन रिसर्च सेंटर ने तीन अन्‍य संस्‍थानों के साथ मिलकर हाल ही में 15 से 21 वर्ष की आयु के बच्‍चों पर एक अध्‍ययन किया। इस अध्‍ययन में 1400 ऐसे बच्‍चे शामिल किए गए, जिन्‍होंने बीते तीन महीनों में असुरक्षित यौन संबंध स्‍थापित किए थे।

अध्‍ययन में पाया गया कि टीनेजर्स जो कंडोम का इस्‍तेमाल नहीं करते हैं, उनके मन में यह धारणा है कि कंडोम से यौन सुख फीका पड़ जाता है। कई ऐसे भी टीनेजर्स थे, जिनके पास कंडोम था, लेकिन उनके पार्टनर ने उसके इस्‍तेमाल से इंकार कर दिया।



टीनेजर्स पर किए गए इस अध्‍ययन ने खतरे की घंटी जरूर बजा दी है। वो इसलिए क्‍योंकि दुनिया भर में फैल रहे यौन संचारित रोगों व एड्स के बढ़ने का खतरा और अधिक हो गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि टीनेजर्स को ज्‍यादा से ज्‍यादा जागरूक करने की जरूरत है। हालांकि विशेषज्ञों ने इस बात से इंकार नहीं किया है कि गर्भनिरोधक गोलियों के बढ़ते चलन के कारण कंडोम का इस्‍तेमाल घटा है। आज टीनेजर्स का विश्‍वास गर्भनिरोधक गोलियो पर ज्‍यादा हो गया है, लेकिन वे ये नहीं जानते कि असुरक्षित यौन संबंध उनके जीवन को बर्बाद कर सकता है।