दक्षिण कोरिया की यूनिवर्सिटी के गिल हॉस्पिटल के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यदि आपकी सेकंड फिंगर, रिंग फिंगर से छोटी है तो इसका मतलब है कि आपके पेनिस का स्ट्रेच लेंथ ज्यादा है।
पहले हुए गए अध्ययन में भी उंगलियों और पेनिस के रिलेशन के स्पष्ट सबूत मिले हैं। पहले की स्टडी में यह साबित हुआ है कि जन्म से पहले ही टेस्टॉसटेरॉन उंगलियों के विकास के साथ पेनिस की लंबाई को भी निर्धारित करता है।
एक अध्ययन में पेनिस की लंबाई की तुलना दाएं हाथ की दूसरी और चौथी उंगलियों के बीच की लंबाई के अंतर से की गई। पहले किए गए अध्ययन में यह पाया गया था कि दायां हाथ टेस्टॉसटेरॉन को प्रभावित करने के मामले में ज्यादा सेंसिटिव है।
इस अध्ययन में इंडेक्स फिंगर की लंबाई को रिंग फिंगर की लंबाई से डिवाइड किया गया और स्टडी यही कहती है कि इसका अनुपात जितना कम होगा पेनिस की लंबाई उतनी ही ज्यादा होगी।
इस अध्ययन से अलग रहे न्यू यॉर्क के स्किडमोर कॉलेज के डेनिस मैकक्वैड का कहना है कि तथ्य कहते हैं कि जन्म से पहले टेस्टॉसटेरॉन ही पेनिस की लंबाई और उंगलियों की बनावट के लिए जिम्मेदार होता है। इससे पहले पुरुषों की उंगलियों पर जो अध्ययन किया गया था, उसे कैंसर के खतरे से जोड़कर बताया गया था। अध्ययन में कहा गया था कि जिस पुरुष की इंडेक्स फिंगर बड़ी होती हैं, उनमें प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है।
ब्रिटेन के इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में इस बात का खुलासा किया था कि जिस पुरुष की इंडेक्स फिंगर, रिंग फिंगर से बड़ी होती है उनमें उन पुरुषों की अपेक्षा कैंसर का खतरा एक तिहाई कम होता है, जिनके इंडेक्स और रिंग फिंगर की लंबाई इससे ठीक ऑपोज़िट होती है।
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