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Saturday, September 10, 2011

ऐसे करें स्मार्ट सेक्स

smart-sex.jpg    सेक्स को लेकर लोगों के मन में कई तरह भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों के चलते लोग सेक्स का सही से आनंद नहीं उठा पाते हैं। हम यहां पर उन भ्रांतियों पर से पर्दा उठा रहें ताकि आप सेक्स को स्मार्ट बना सकें।

पुरुष हर 7 सेकेंड में सेक्स के बारे में सोचता है 
लोगों के मन में भ्रांति है कि पुरुष हर 7वें सेकेंड में सेक्स के बारे सोचते हैं, लेकिन रिसर्च से पता चला है कि सिर्फ 14 फीसदी पुरुष दिन भर में कई बार सेक्स के बारे में सोचते हैं। 43 फीसदी महीने में कुछ दिन और 4 फीसदी तो ऐसे हैं कि जो महीना में एक बार भी सेक्स के बारे में नहीं सोचते। इसके उलट 19 फीसदी महिलाएं रोज कई बार सेक्स के बारे में सोचती है और 67 फीसदी महिलाएं हफ्ते में और सिर्फ 14 फीसदी महीनें में सेक्स के बारे में सोचती हैं।

पुल-आउट मेथड सेफ रहता है 
नहीं, यह मेथड सेफ नहीं है। दरअसल, सेक्स के दौरान पुरुष का स्पर्म हल्का-हल्का कई बार में निकलते रहता है, पर उसे पता नहीं चलता है। स्पर्म की यह मात्रा आपके साथी को प्रेगनेंट करने के लिए काफी है।

ओरल सेक्स से कोई खतरा नहीं है 
ओरल सेक्स से भी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। अगर मुंह या गले में कहीं कुछ कटा होता है, तो वहां से इन बीमारियों के फैलने का खतरा होता है।

पुरुष तो हमेशा सेक्स के लिए तैयार होते हैं 
ऐसा भ्रम है कि पुरुष तो सेक्स के लिए हमेशा तैयार रहता है, लेकिन ऐसा नहीं है। पुरुष भी थकता है, वह रॉबोट नहीं है। तनाव के चलते या मूड नहीं रहने के चलते वह सेक्स में रुचि नहीं दिखा सकता है। इसलिए अगर पुरुष सेक्स के लिए तैयार नहीं होता है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह आपमें रुचि नहीं लेता है।

साइज मैटर नहीं करता है 
आप अपने मन से यह भ्रम निकाल दें कि साइज से कोई फर्क पड़ता है। साइज से कुछ नहीं होता है। सबसे जरूरी चीज है अपने पार्टनर के जज्बातों का खयाल रखना। इससे सेक्स का ड्यूरेशन बढ़ता है और आप इसका खूब आनंद भी लेते हैं।
सेक्स को लेकर लोगों के मन में कई तरह भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों के चलते लोग सेक्स का सही से आनंद नहीं उठा पाते हैं। हम यहां पर उन भ्रांतियों पर से पर्दा उठा रहें ताकि आप सेक्स को स्मार्ट बना सकें। 


पुरुष हर 7 सेकेंड में सेक्स के बारे में सोचता है 
लोगों के मन में भ्रांति है कि पुरुष हर 7वें सेकेंड में सेक्स के बारे सोचते हैं, लेकिन रिसर्च से पता चला है कि सिर्फ 14 फीसदी पुरुष दिन भर में कई बार सेक्स के बारे में सोचते हैं। 43 फीसदी महीने में कुछ दिन और 4 फीसदी तो ऐसे हैं कि जो महीना में एक बार भी सेक्स के बारे में नहीं सोचते। इसके उलट 19 फीसदी महिलाएं रोज कई बार सेक्स के बारे में सोचती है और 67 फीसदी महिलाएं हफ्ते में और सिर्फ 14 फीसदी महीनें में सेक्स के बारे में सोचती हैं।

पुल-आउट मेथड सेफ रहता है 
नहीं, यह मेथड सेफ नहीं है। दरअसल, सेक्स के दौरान पुरुष का स्पर्म हल्का-हल्का कई बार में निकलते रहता है, पर उसे पता नहीं चलता है। स्पर्म की यह मात्रा आपके साथी को प्रेगनेंट करने के लिए काफी है।

ओरल सेक्स से कोई खतरा नहीं है 
ओरल सेक्स से भी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। अगर मुंह या गले में कहीं कुछ कटा होता है, तो वहां से इन बीमारियों के फैलने का खतरा होता है।

पुरुष तो हमेशा सेक्स के लिए तैयार होते हैं 
ऐसा भ्रम है कि पुरुष तो सेक्स के लिए हमेशा तैयार रहता है, लेकिन ऐसा नहीं है। पुरुष भी थकता है, वह रॉबोट नहीं है। तनाव के चलते या मूड नहीं रहने के चलते वह सेक्स में रुचि नहीं दिखा सकता है। इसलिए अगर पुरुष सेक्स के लिए तैयार नहीं होता है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह आपमें रुचि नहीं लेता है।

साइज मैटर नहीं करता है 
आप अपने मन से यह भ्रम निकाल दें कि साइज से कोई फर्क पड़ता है। साइज से कुछ नहीं होता है। सबसे जरूरी चीज है अपने पार्टनर के जज्बातों का खयाल रखना। इससे सेक्स का ड्यूरेशन बढ़ता है और आप इसका खूब आनंद भी लेते हैं।