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Friday, September 9, 2011

बड़े कंडोम के इस्‍तेमाल से अलग ही मजा

Relationship    आमतौर पर लोग कंडोम का इस्‍तेमाल गर्भधारण रोकने व यौन स्‍थानांतरित बीमारियों से बचने के लिए करते हैं। लेकिन क्‍या आपको पता है कंडोम का साइज भी आपकी उत्‍तेजना को बढ़ाता या घटाता है। जी हां ज्‍यादा बड़े कंडोम इस्‍तेमाल करने से छोटे साइज के कंडोम की तुलना में सेक्‍स की अनुभूति ज्‍यादा अच्‍छी होती है।

यह बात हाल ही में हुए एक अध्‍ययन में निकल कर आयी है। इसी अध्‍ययन के आधार पर ब्रिटेन की कंडोम बनाने वाली एक कंपनी ने एक्‍स्‍ट्रा लार्ज कंडोम का उत्‍पादन बढ़ा दिया। यही नहीं उसकी बिक्री में भी तेजी से इजाफा हुआ है।


कंपनी के मुताबिक एक्‍स्‍ट्रा लार्ज कंडोम की डिमांड भी तेजी से बढ़ी है। असल में बड़े साइज के कंडोम के इस्‍तेमाल से पुरुषों को न केवल संभोग में आसानी होती है, बल्कि सेक्‍स की अनुभू‍ति का अलग ही अहसास होता है।

कंपनी के मुताबिक सामान्‍य कंडोम से 10 मिलीमीटर लंबे और 2 मिलीमीटर ज्‍यादा घेराव वाले कंडोम की डिमांड बढ़ने से पता चलता है कि पुरुषों को यह ज्‍यादा पसंद आया है।

पहली बार कैसे करें संभोग?

Relationship   शादी के बाद पहली रात और पार्टनर के साथ पहली बार सेक्‍स। उस रात चाहे स्‍वस्‍थ्‍य संभोग किया हो, या फिर पूरी तरह फ्लॉप रहे हों, वो पल व्‍यक्ति कभी नहीं भूलता। तो आप क्‍या चाहत हैं, आपकी रात जीवन की सबसे यादगार बने या फिर एक हादसे की तरह आपको जीवन भर याद आती रहे। जाहिर है आप अपने साथी के साथ पहली बार सेक्‍स को चाह कर भी नहीं भुला पाएंगे। चलिए हम आपको बताते हैं कि पहली बार संभोग करते वक्‍त किन-किन बातों का ध्‍यान रखें। 

साथी के इशारों को समझें 

आमतौर पर पुरुष के करीब आने वक्‍त स्त्रियां सीधे सेक्‍स की शुरुआत नहीं करतीं। शुरुआत पुरुष को ही करनी होती है, लेकिन ज़रा ध्‍यान से, क्‍योंकि करीब आते ही जंगली हो जाने से आपके संबंधों में खटास आ सकती है। पार्टनर क मन में तमाम तरीके की ऐसी बातें उठ सकती हैं, जो संबंधों में खटास डाल दें। जाहिर है, जिस तरह आप अपनी रात को जीवन की यादगार रात बनाना चाहते हैं, उसी प्रकार आपकी पार्टनर भी...। तो कुल मिलाकर एक अच्‍छे और करीबी दोस्‍त की तरह पार्टनर के करीब जाएं और सकारात्‍मक सोच के साथ बात करें। बात करते वक्‍त पार्टनर का हाथ पकड़ें और उसकी उम्‍मीदों को परखें। देखते ही देखते बाहों में भर लेना अच्‍छा रहेगा। यह बात तय है कि सामने से आपको ग्रीन सिगनल मिलने लगेंगे। 

यहां पर यह ध्‍यान रहे कि आप पार्टनर के करीब इसलिए नहीं जा रहे हैं, कि आप उसके साथ संभोग करना चाहते हैं, बल्कि संभोग प्‍यार को बढ़ाता है, आपके संबंधों को प्रगाढ़ बनाता है, इस बात का अहसास होना चाहिए। यही अहसास अपने पार्टनर को भी दिलाएं। 

प्रोटेक्‍शन जरूर लें 

पार्टनर के साथ सेक्‍स करते वक्‍त कंडोम का प्रयोग जरूर करें। आप सोच रहे होंगे कि कंडोम क्‍यों? उसका भी जवाब यहां है। पहली बात कंडोम यौन संबंधी बीमारियों से बचने का सबसे अच्‍छा उपाए है। दूसरी बात शादी की पहली रात में सेक्‍स के वक्‍त अगर अपक या आपके पार्टनर के मन में यह बात आती रही, कि कहीं वो गर्भवती न हो जाए, तो आपका और आपके पार्टनर दोनों का ध्‍यान सेक्‍स के दौरान भटक सकता है। जिससे यौन सुख फीका पड़ सकता है। 

यह बात निश्चित है कि प्रोटेक्‍टेड सेक्‍स करने से आपको वो अनुभूति नहीं होगी, जो बिना कंडोम के होती, लेकिन बेहतर होगा कि पहली बार में आप एक दूसरे का यौन इतिहास जान लें। दूसरी बात यह कि अपनी पार्टनर से यह बात पक्‍की कर लें कि वो कब तक गर्भवती होना चाहती है। 

कतई घबराएं नहीं 

पहली बार सेकस करते वक्‍त आप तनाव में आ सकते हैं, या फिर घबराहट भी हो सकती है। इसके लिए लंबी सांस लें और अपने शरीर को ढीला छोड़ दें। ऐसे समय में आपके मस्तिष्‍क को ज्‍यादा ऑक्‍सीजन की जरूरत होती है। यदि आपकी सांसें तेज या धीमी चलने लगीं तो आपको हलका पन महसूस होने लगेगा, या फिर चक्‍कर आएगा और सिर दर्द भी। ऐसा होने पर यदि आप अपने पार्टनर को पूर्ण यौन सुख नहीं दे पाए तो उसके मन में आपके बारे में गलत धारणाएं आ सकती हैं, लिहाजा घबराएं नहीं। सेक्‍स के वक्‍त बीच बीच में लंबी सांसें लेने से फायदे में रहेंगे। 

परफेक्‍शन की उम्‍मीद मत करें 

ज्‍यादातर लोग अपने पार्टनर को पहली बार के सेक्‍स में पूरा यौन सुख देने की कोशिश करते हैं, लेकिन नाकाम हो जाते हैं। यही नहीं दोनों के मन में एक दूसरे से परफेक्‍शन यानी प्रवीणता की उम्‍मीद होती है। ऐसी उम्‍मीद न करें, क्‍योंकि पहली बार सेक्‍स के दौरान पुरुष या स्‍त्री या फिर दोनों थोड़ा डरे रहते हैं। दोनों में शीघ्रपतन की संभावना अधिक रहती है। यदि ऐसा हो भी जाए, तो उसके गलत नजरिए से नहीं देखें। यही नहीं आप भी अपने आप से उम्‍मीद मत बांधें कि आप भी सेक्‍स का पूर्ण सुख अपने पार्टनर को दे पाएंगे। यह प्रेम की वो क्रिया है, जो धीरे-धीरे बढ़ती है।

बाथ-टब में सेक्‍स का अनोखा मज़ा

    आपके पति थके हारे घर लौटें तो, जाहिर है वो थोड़ा रिफ्रेशमेंट चाहेंगे। जाहिर है आप सबसे पहले उन्‍हें हलका भोजन करवायेंगी और फिर आराम करने के लिए कहेंगी। यदि आप उनसे काम के बारे में पूछती हैं, तो यह आपकी गलती होगी। आप अपने पति से बिस्‍तर पर प्रेम तो रोज़ करती होंगी, क्‍या कभी बाथ टब यानी नहाने के टब में प्‍यार किया है? अगर नहीं तो इस बार ट्राई करें, आपको अनोखा अनुभव होगा।

बेहतर होगा यदि बाथ टब में हलका गर्म पानी हो और उसमें थोड़ा सा खुश्‍बूदार तेल पड़ा हो। जी हां इससे पुरुषों की थकान भी मिटती है और वो उत्‍तेजित भी होते हैं। आपका छोटा सा प्रयास आपके पति की थकान मिटाने के साथ-साथ आपको उनके और ज्‍यादा करीब ले जायेगा। हम यहां बताने जा रहे हैं बाथ टब में प्रेम की लवमेकिंग टिप्‍स-

1. सबसे पहले आप अपने बाथरूम को साफ करें और सजायें। चारों कोनो में खुश्‍बूदार मोमबत्तियां लगायें। बाथ टब में पानी भर के उसमें गुलाब की पंखुडि़यां डाल दें और हलका सा इत्र व तेल। बाथरूम में हलकी म्‍यूजिक वाला संगीत लगा दें। आपका बाथ टब आप दोनों के लिए तैयार है।

2. आपके पति आराम कर रहे हों, तो उनके सामने जायें और नाइट गाउन पहन कर खड़ी हो जायें।

3. उनसे कहें कि पानी तैयार है, चलकर नहा लें। यदि आप हलका सा परफ्यूम लगाये हुई हैं, तो वो खुद-ब-खुद आपकी ओर खिंचे चले आयेंगे।

4. बाथ टब में प्रेम की शुरुआत प्‍यार भरे चुंबन के साथ करें। चुंबन की शुरुआत सीने से करें और सीने से लग जायें। जब आपको लगे कि वो आपके करीब आ चुके हैं, तो उन्‍हें यौन क्रिया कि लिए उत्‍तेजित करें।

5. सबसे पहले अपने पति को बाथ टब में लेट जाने को कहें। फिर अपने नर्म हाथों से मसाज दें। मसाज के साथ लिपकिस उन्‍हें उत्‍तेजित कर देगा।

6. माना जाता है कि बाथ-टब में संभोग करने से गर्भ नहीं ठहरता, लेकिन फिर भी बेहतर होगा यदि आप अपने पार्टनर से कंडोम का प्रयोग करने को कहें। इससे पानी से होने वाले संक्रमण से बच सकते हैं।

कुल मिलाकर देखा जाये तो बाथ टब में सेक्‍स का मजा बेडरूम से कहीं ज्‍यादा होता है। प्रेम की इस अनुभ‍ूति को प्राप्‍त करने के लिए आपके ये प्रयास आपके प्‍यार भरे जीवन में प्रेम का असीम रस घोल सकते हैं। तो क्‍या आप आप अपने पति को यह सरप्राइज़ देने जा रही हैं?

सेक्‍स: महिलाओं के लिए कुछ टिप्‍स

Relationship  क्‍या आप संभोग के अंतिम पड़ाव तक पहुंचने में असफल रहती हैं? संभोग के चरम आनंद तक पहुंचने में आपको कठिनाई होती है? या फिर रति निष्‍पत्ति से पहले ही आप ठंडी पड़ जाती हैं? यदि ऐसा है, तो घबराने की बात नहीं है। यह बात सच है कि पुरुष बिना किसी कठिनाई के संभोग के चरम आनंद तक पहुंच जाते हैं, लेकिन महिलाओं को वहां तक पहुंचने में समय लगता है।

कई बार महिलाएं अपने पति के साथ रोजाना संभोग करने के बाद भी खुश नहीं रहतीं। उसके पीछे एक कारण यह भी है कि उनके पार्टनर उनसे पहले ही चरम आनंद तक पहुंच जाते हैं और वो पीछे रह जाती हैं। ऐसा होने पर कम उम्र की लड़कियों को यह भ्रम हो जाता है कि उनमें कुछ कमी है। वहीं 35 की उम्र पार करने के बाद की महिलाएं सोचने लगती हैं कि अब उनके अंदर सेक्‍स की भावनाएं कम हो गई हैं। जबकि ऐसा नहीं है। 

पुरुष पार्टनर की भूमिका अहम 

चूंकि गर्भधारण के लिए महिलाओं में रति निष्‍पत्ति होना जरूरी नहीं है, इसलिए डॉक्‍टर भी इस बात को ज्‍यादा तरजीह नहीं देते। हाल ही में अमेरिका में इसी बात पर एक शोध किया गया। शोध में पता चला कि महिलाएं चाहें तो हर बार चरम आनंद प्राप्‍त कर सकती हैं। बस कुछ बातों को ध्‍यान में रखने की जरूरत है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका पुरुष पार्टनर की होती है। यदि वो सेक्‍स के बारे में ज्ञान रखता है और आपकी परवाह करता है तो वो आपको चरम आनंद तक पहुंचाने में जरूर मदद कर सकता है।

शोध में पाया गया है कि चरम आनंद तक पहुंचने में सबसे ज्‍यादा परेशानी 20 से 30 के बीच की उम्र में होती है। तकाम सेक्‍सोलॉजिस्‍ट कहते हैं कि यदि आप संभोग के दौरान चरम आनंद तक नहीं पहुंच पाती हैं, तो मैथुन करने के प्रयास करें। गुदा मैथुन चरम आनंद तक पहुंचने की क्रिया को सीखने में मदद करता है। एक शोध के मुताबिक 47 प्रतिशत स्त्रियां पहली बार मै‍थुन के दौरान ही चरम आनंद पर पहुंचती हैं। 

चरम आनंद के लिए कुछ टिप्‍स 

महिलाओं के साथ सबसे बड़ी समस्‍या यह है कि यदि संभोग के बीच में वो रुक जाती हैं, तो वापस वही भावनाएं लाने में काफी समय लगता है। जबकि पुरुष जहां पर रुकते हैं वहीं से शुरू करते हैं। इसलिए संभोग से पहले अपने आस-पास से ऐसी वस्‍तुओं जैसे मोबाइल फोन, अलार्म घड़ी, टेलीफोन, आदि को हटा दें जो आपको डिस्‍टर्ब कर सकती है। कमरे की रोशनी कम कर दें। 

इसके अलावा यदि आपको लगता है कि कोई बीच में आपके बेडरूम का दरवाजा खटखटा सकता है तो उसके लिए पहले से तैयार रहें। ऐसा होने पर एकदम से प्रतिक्रिया नहीं दें। सेक्‍स के दौरान सबसे महत्‍वपूर्ण होती हैं संभोग की क्रियाएं। यदि आपको चरम आनंद पहुंचने में दिक्‍कत आती है तो क्रियाएं बदल-बदल कर संभोग करें। 

अलग-अलग तरीके से सेक्‍स करने पर चरम सुख तक पहुंचने में आसानी होती है। सबसे अहम बात यह है कि आप बीच-बीच में अपने पार्टनर को इस बात का अहसास दिलाती रहें कि वे रति निष्‍पत्ति के लिए थोड़ा रुक जाएं, जाकि आपको समय मिल सके। इसके अलावा संभोग से पहले पार्टनर को फोर प्‍ले के लिए उकसाने से भी लाभ मिलता है।

दौड़ने से बढ़ती है यौन सक्रियता

Running Man  जो लोग नियमित तौर पर दौड़ लगाते हैं, उनका यौन जीवन उन लोगों की अपेक्षा ज्यादा सक्रिय होता है जो दौड़ नहीं लगाते। एक शोध के मुताबिक 10 में से एक दौड़ लगाने वाले (जागर्स) ने कहा कि वे अपने दैनिक जीवन में कम से कम एक बार यौन संबंध स्थापित करते हैं, जबकि तीन प्रतिशत जागर्स का कहना है कि वे दिन में दो बार संभोग का लुत्फ उठाते हैं।

समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक शोध के दौरान उन लोगों से भी बात की गई, जो दौड़ नहीं लगाए। ऐसे चार में से एक व्यक्ति का कहना था कि वह महीने में एक बार या फिर उससे भी कम बार यौन संबंध स्थापित करता है।


यह शोध 1000 जागर्ज और इतने ही उन लोगों पर किया गया, जो दौड़ नहीं लगाते हैं। शोध कराने वाली संस्था-स्यू रायडर केयर ने पाया कि 10 में से एक पुरुष जागर्स ने स्वीकार किया कि वे कसरत के दौरान यौन क्रिया के बारे में सोचते हैं।

दूसरी ओर, सिर्फ पांच प्रतिशत महिलाओं ने माना कि वे दौड़ने या फिर कसरत के दौरान यौन क्रिया के बारे में सोचती हैं। कसरत करने वाली कुल महिलाओं में से आधी यही सोचने में व्यस्त रहती हैं कि उन्हें कसरत से कितना लाभ हो रहा है।

कैसे बढ़ाएं सेक्‍स की भूख!

Sex Relationship    क्‍या आपको अपने पार्टनर के साथ सेक्‍स करने की भूख का अहसास होता है? या फिर क्‍या आपकी तमाम कोशिशों के बावजूद आपकी पार्टनर में सेक्‍स के प्रति भूख जागृत नहीं होती? यदि ऐसा है, तो इस लेख में आपको इसका हल जरूर मिल जाएगा। आइये देखें इस समस्‍या को कैसे हल कर सकते हैं।

कई घटनाएं जैसे बच्‍चा पैदा होना, गहरा तनाव होना, लड़ाई-झगड़े, किसी प्रिय की मृत्‍यु हो जाना, आदि के कारण सेक्‍स के प्रति रुझान घट जाता है। ऐसे में सेक्‍स के प्रति भूख मर जाती है। यही नहीं संभोग करने पर भी चरम आनंद नहीं मिल पाता है।

ऐसे में आप अपनी पार्टनर को सेक्‍स के लिए प्रेरित करने के अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं। यहां पर हम आपको बताएंगे कि सेक्‍स की भूख को कैसे बढ़ाएं।


सबसे पहला आकर्षण करीब आने से बढ़ता है। ऐसे में अपनी पार्टनर के करीब जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप पूरी तरह साफ और सुंदर दिख रहे हैं। क्‍योंकि आपके चेहरे के एक्‍सप्रेशन ही उसे आपकी ओर आकर्षित करेंगे, जिससे उसके अंदर सेक्‍स की भूख जागेगी।

पुरुषों और महिलाओं दोनों के साथ अलग-अलग स्थितियां होती हैं। पुरुष अपनी स्‍त्री पार्टनर के आकर्षण से आकर्षित हो जाता है, जबकि महिलाओं के लिए सेक्‍स से पहले भावनात्‍मक रूप से करीब आना जरूरी होता है। जबतक आप भावनात्‍मक रूप से करीब नहीं जाएगे, तब तक वो आपके करीब नहीं आएगी। हालांकि दोनों के लिए प्रेम भरी बातें काफी महत्‍व रखती हैं।


तनाव की स्थिति में भी यदि आपकी पार्टनर आपके करीब आ जाती है, तो ऐसी बातें करें, जिससे उसका तनाव कम हो सके। यदि वो दु:खी है तो उसका दु:ख कम करने की कोशिश करें। यहां पर आपके मुंह से निकले शब्‍द काफी अहम होते हैं, क्‍योंकि बातों ही बातों में आपको अपने पार्टनर का रुख सेक्‍स की ओर करना है।

अच्‍छा होगा यदि आप ऐसे समय में अपने पिछली रातों के अनुभवों को रखते हुए अपनी पार्टनर को बाहों में भर लें। फिर धीरे-धीरे उसके सौम्‍य व कोमल शरीर के अंगों की तारीफ करें। धीरे-धीरे उन अंगों को भी स्‍पर्श करें, जिनकी आप तारीफ कर रहे हैं। यहां पर आप किसी फिल्‍म के सेक्‍सी सीन की बात भी कर सकते हैं।

ऐसी बातें बिलकुल न करें, जिससे आपकी पार्टनर दोबारा अपनी पिछली बातों को याद कर दु:खी या तनाव में आ जाए। आमतौर पर संभोग के दौरान स्त्रियों को चरम आनंद तक पहुंचने में काफी समय लगता है। पुरुषों के लिए अच्‍छा होगा, यदि उन्‍हें चरम आनंद तक पहुंचने में मदद करें।

इन बातों से आपको यह अहसास हो ही गया होगा कि सेक्‍स का अंतिम चरण संभोग ही नहीं होता। एक दूसरे को पूरी तरह संतुष्‍ट रखने से ही आपसी प्‍यार बढ़ता है।

कहीं आपको सेक्‍स की लत तो नहीं?

Sex Relationship   क्‍या आपको बार-बार सेक्‍स करने का मन करता है? क्‍या आप किसी महिला को देखते ही उत्‍तेजित होने लगते हैं? क्‍या आपसे रोज़ाना मैथुन किए बगौर रहा नहीं जाता? या फिर आपको पोर्न मूवीज़ व चित्र देखना बहुत पसंद है। यदि ऐसा आपके साथ होता है, तो सतर्क हो जाइये, क्‍योंकि ये सभी सेक्‍स की लत लग जाने के गुण हैं। आप सोच रहे होंगे, धूम्रपान, मदिरापान, चाय, आदि की लत तो सुनी थी लेकिन सेक्‍स की लत भी क्‍या किसी को लगती है। 

सेक्‍स तो एक प्राकृतिक क्रिया है, इसे लत का नाम कैसे दिया जा सकता है... आपके मन में उठ रहे सवाल लाज़मी हैं, लेकिन यह मत भूलें कि हर वो चीज़ जो सामान्‍य से अधिक हो वो लत है और बुरी लत हमेशा व्‍यक्ति को पर नकारात्‍मक असर छोड़ती है। 

क्‍या है सेक्‍स की लत 

चलिए हम आपको बताते हैं कि आखिर सेक्‍स कब बुरी लत में बदल जाता है। इसे सेक्‍सुअल एडिक्‍शन भी कहते हैं। सीधी भाषा में कहें तो जब यौन क्रियाएं कंट्रोल से बाहर हो जाएं तो उसे सेक्‍स की लत कहते हैं। जिस व्‍यक्ति को यह लत लग जाती है वो अपना अधिकांश समय यौन क्रियाओं में व्‍यतीत करना पसंद करता है। उसे जब मौका मिलता है, तब वो सेक्‍स के बारे में सोचने लगता है। इससे उसके व्‍यवहार में भी बदलाव आता है, जिसका असर उसके निजी, सामाजिक और व्‍यवसायिक जीवन में पड़ता है। ऐसे लोगों के लिए सेक्‍स उनके परिवार, दोस्‍तों और काम से ऊपर होता है। 

आम तौर पर यह लत टीन एज में लगती है। कई लोग कुछ दूरी तक जाकर संभल जाते हैं, लेकिन जो लोग शुरु में नहीं संभते हैं, वे 40 की उम्र के बाद तक सेक्‍स के लिए लालायित रहते हैं। यह लत भी ठीक उसी प्रकार लगती है, जैसे शराब या धूम्रपान की। सेक्‍स के दौरान हमारे शरीर से एक प्रकार का द्रव्‍य निकलता है, जो हमें असीम यौन सुख का अहसास कराता है। कुछ लोग जो बार-बार यौन सुख की अनुभूति की चाह रखते हैं, उन्‍हें यह लत जल्‍दी लग जाती है। उनकी लत की शुरुआत मैथुन यानी मास्‍टरबेशन से होती है। बंद कमरे में वो बार-बार मैथुन करते हैं। 



मौका मिलने पर पोर्न वेबसाइट, किताबें या फिल्‍में देखते हैं। कई बार तो फिल्‍म देखते-देखते ही मैथुन करने लगते हैं। ऐसे लोग उन घरों में ताका-झांकी करने से भी पीछे नहीं रहते हैं, जहां लड़कियां रहती हैं। यह केवल लड़कों के साथ ही नहीं लड़कियों को भी सेक्‍स की लत लग जाती है, तो वो भी ऐसा ही करने लगती हैं। जाहिर है हद से ज्‍यादा मैथुन करने के भी दुष्‍प्रभाव हैं। उसका सीधा असर स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। 

ऐसे लोग ज्‍यादातर अकेले रहन पसंद करते हैं। लोगों से घुलने-मिलने में उन्‍हें काफी परेशानी होती है, वो इसलिए क्‍योंकि उनके मन में हमेशा यह सवाल गूंजता रहता है कि वो सेक्‍सुअली कमजोर हैं। इसका असर उनके कॅरियर पर भी पड़ता है। कई बार जहां सेक्‍स की बातें चल रही हों, वहां उनके मन में अपने प्रति हीन भावनाएं आने लगती हैं। 

इस लत के और भी असर होते हैं। इंटरनेट के माध्‍यम से फ्री क्‍लासीफाइड पर पर्सनल विज्ञापन देकर डेटिंग करना आम है। ऐसे लोग मौका मिलने पर वेश्‍यावृत्ति के समय सोचते नहीं हैं। कई बार असुरक्षित यौन संबंध तक स्‍थापित कर बैठते हैं। जिस कारण उन्‍हें यौन जनित रोग लगने का खतरा रहता है। 

इंटरनेट पर जब भी किसी से चैट करते हैं, तो घुमा-फिरा कर अपनी बातों को सेक्‍स की ओर ले जाते हैं। ऐसे लोगों को टेलीफोन पर सेक्‍स की बातें करना पसंद होता है। ऐसे पुरुषों के अंदर लड़कियों का यौन शोषण करने की प्रवृत्ति ज्‍यादा होती है। क्‍योंकि उनके मन में हमेशा हर काम के बदले में सेक्‍स की चाहत होती है। इन्‍हीं कारणों से सेक्‍स की लत लगने पर सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। अब अगर पारिवारिक जीवन की बात करें तो जीवन साथी से रिश्‍ते टूटने की बात तभी आती है, जब आपका अफेयर किसी अन्‍य से भी हो। सेक्‍स की लत लगने पर व्‍यक्ति एक से अधिक लोगों से संबंध तक बनाने में पीछे नहीं हटते। 

जब स्त्रियों को लगती है सेक्‍स की लत 

सेक्‍स की लत सिर्फ पुरुषों को ही नहीं लगती है, स्त्रियां भी इसका शिकार हो सकती हैं। ऐसा होने पर वो भी पोर्नोग्राफी, टेलीफोन सेकस, इंटरनेट सेक्‍स, आदि करने लगती हैं। यही नहीं उन्‍हें भी जब अकेले मौका मिलता है तो वो भी मैथुन करती हैं। यही नहीं ऐसी स्त्रियां भी एक से ज्‍यादा लोगों से संबंध स्‍थापित करने में पीछे नहीं हटतीं। कई बार लड़कियां वेश्‍यावृत्ति में भी पड़ जाती हैं। 

यही कारण है कि 40 प्रतिशत लड़कियों का अनचाहा गर्भधारण इसी लत की वजह से होता है। हाल ही में हुए एक अध्‍यन की मानें तो सेक्‍स एडिक्‍शन की वजह से 70 प्रतिशत लोगों के वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है। 40 प्रतिशत के साथी उन्‍हें छोड़ देते हैं। 72 प्रतिशत आत्‍महत्‍या के प्रयास करते हैं, 68 प्रतिशत लोग यौन जनित बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं और 27 प्रतिशत लोगों का कॅरियर चौपट हो जाता है। ये आंकड़े पुरुष और स्त्रियों दोनों पर हुए अध्‍यन के हैं।

   

बच्‍चा पैदा होने के बाद सेक्‍स

Pregnant Woman  यदि आपकी जीवन संगिनी गर्भावस्‍था से गुजर रही है और डॉक्‍टर ने आपको सेक्‍स करने से मना किया है, तो यह मत सोचिए कि बच्‍चा पैदा होने के तुरंत बाद आप संभोग कर सकेंगे। तमाम पुरुष सोचते हैं कि बच्‍चा पैदा होने के तुरंत बाद वे अपनी संगिनी के साथ यौन संबंध स्‍थापित कर सकते हैं, लेकिन जो लोग ऐसा सोचते हैं या करते हैं, वे गलत हैं। इससे स्‍त्री के स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचता है।

यदि आप यह सोचते हैं कि बच्‍चा पैदा होने के बाद आपको अपनी पत्‍नी से उतना ही यौन सुख मिलेगा, जितना मिलता आया है, तो भी आप गलत हैं। सबसे अहम बात यह है कि बच्‍चे को जन्‍म देना एक महिला के लिए सबसे कठिन प्रक्रिया होती है। लोगों को देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन बच्‍चा पैदा होते वक्‍त महिला जीवन और मौत के बीच से गुजरती है।



इस प्रक्रिया के बाद योनी की मासपेशियां खिंचने के साथ-साथ टूट जाती हैं। इसी लिए डिलीवरी के दौरान असहनीय दर्द होता है। कई बार तो मासपेशियों से रक्‍त तक बहने लगता है। ऐसे में यदि आप डिलीवरी के एक दो दिन बाद ही संभोग करना स्‍त्री के लिए कष्‍टदायक हो सकता है। डॉक्‍टरों के मुताबिक नॉर्मल डिलीवरी के करीब छह सप्‍ताह तक संभोग नहीं करना चाहिए। उसके बाद भी डॉक्‍टर की सलाह लें तो अच्‍छा रहता है। क्‍योंकि मासपेशियों के घाव को भरने में पांच से छह सप्‍ताह तक लग ही जाता है। ऐसे में अगर आप सेक्‍स करेंगे तो योनी में इंफेक्‍शन होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

सेक्‍स के प्रति उदासीनता की बात करें तो आमतौर पर स्त्रियां डिलीवरी के बाद इसके प्रति उदासीन हो ही जाती हैं। उनके अंदर हार्मोर्न्‍स में परिवर्तन के कारण ऐसा होता है। यही नहीं इस कारण उन पर मानसिक दबाव भी बढ़ जाता है। बहुत कम महिलाएं होती हैं, जिनके साथ ऐसा नहीं होता। इसलिए हो सकता है डिलीवरी के तीन-चार महीने बाद भी स्‍त्री के अंदर सेकस करने की चाह नहीं उठे।



ऐसे में बच्‍चे की मां और पिता दोनों की जिम्‍मेदारी बनती है कि वे छह महीने तक संभोग से बचना चाहिए। यही नहीं यदि स्‍त्री पास आने के लिए मना कर दे तो उसे लेकर झगड़ा नहीं करना चाहिए। सबसे बड़ी बात यह है कि डिलीवरी के छह महीने के बाद भी स्त्रियां जब संभोग करती हैं तो चरम सीमा तक पहुंचने में उन्‍हें काफी दिक्‍कत होती है। लेकिन ऐसा लगभग सभी के साथ होता है।

हां आप अपने साथी को करीब लाने के लिए ओरल सेक्‍स कर सकते हैं, लेकिन उसमें भी ऐसा कोई काम न करें, जिससे स्‍त्री के घावों में दर्द होता हो। सबकुछ नॉर्मल होने के बाद भी अगर संभोग करें तो कॉन्‍ट्रासेप्टिव का इस्‍तेमाल करना मत भूलें, क्‍योंकि ऐसे में महिलाओं के अंदर दोबारा गर्भधारण के चांस बढ़ जाते हैं।

  

लिंग में भी हो सकता है फ्रेक्‍चर!

Man in Tension




हाथ, पैर, कमर, आदि के फ्रेक्‍चर के बारे में आप हमेशा से सुनते आए होंगे, लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि आपके लिंग में भी फ्रेक्‍चर हो सकता है? यह सवाल आपको बड़ा अटपटा लगा होगा। सोच रहे होंगे आखिर बगैर हड्डी के फ्रेक्‍चर कैसे हो सकता है, लेकिन यह सही है। असल में लिंग की ऊतक यानी टिश्‍यूज़ जब टूट जाती हैं, तो उसे पेनाइल फ्रेक्‍चर कहते हैं। इसे ब्रोकेन पेनिस भी कहा जाता है।

कामसूत्र में कहा गया है कि संभोग प्रेम का स्‍वरूप है। अब प्रेम के इस स्‍वरूप में अगर आप उत्‍तेजना में आकर भयावह रूप धारण कर लेते हैं, तो आपको या आपकी संगिनी दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। पुरुषों की बात की जाए तो ज्‍यादा उत्‍तेजित होकर गलत ढंग से सेक्‍स करने से पेनाइल फ्रेक्‍चर हो सकता है। यही नहीं अचानक चोट लगने से भी ऐसा हो सकता है।



चिकित्‍सकों के मुताबिक लिंग के अंदर दो नलियां होती हैं, जो मांसपेशियों के बीच से होकर जाती हैं। ये वो मांसपेशियां होती हैं, जो सेक्‍स के समय कड़ी हो जाती हैं। जिस समय लिंग कड़ा व मोटा हो जाता है, तब मांसपेशियों में खिंचाव होता है। ऐसी स्थिति में यदि टिश्‍यू पर आघात पहुंचता है तो वो टूट जाती हैं। उस दौरान हलका स खून भी निकलता है। लिंग में सूजन आ जाती है। लिंग नीला पड़ जाता है। लिंग एकदम से ढीला पड़ जाता है, लेकिन उसमें सूजन बनी रहती है। ऐसी स्थिति में असहनीय दर्द उठता है। पेनाइल फ्रेक्‍चर लिंग को जबरदस्‍ती मोड़ने या मरोड़ने से भी हो जाता है। संभोग के दौरान पेनाइल फ्रेक्‍चर होने का खतरा सबसे अधिक तब होता है जब स्‍त्री पुरुष के ऊपर होती है। यही नहीं फोर-सेक्‍स के दौरान भी ऐसा संभव है। 


सर्जरी ही इसका इलाज 

क्‍या मजा किरकरा कर देता है कंडोम?

Love and Relationship 


  यौन संबंध हमेशा सुरक्षित होने चाहिये यानी कंडोम के प्रयोग से कभी परहेज नहीं करना चाहिये। यह आपको तमाम यौन जनित बीमारियों से बचाता है, लेकिन फिर भी ज्‍यादातर महिलाएं बिना कंडोम के संभोग करना पसंद करती हैं। उनका मानना है कि कंडोम से यौन क्रिया का मजा किरकिरा हो जाता है। यही नहीं बिना कंडोम के सेक्‍स मानसिक संतुष्टि प्रदान करता है। 


महिलाओं के लिए संभोग के दौरान संतुष्टि ना केवल चरमसीमा तक पहुंचना होता है, बल्कि जितनी देर संभोग करें उतनी देर मज़ा अनोखा, अदभुत और नया होना चाहिये। हाल ही में मुंबई की संस्‍था ने एंटी एचआईवी कैंपेन के तहत एक सर्वेक्षण कराया जिसके मुताबिक 72 प्रतिशत महिलाएं बिना कंडोम के सेक्‍स करना पसंद करते हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश यह मानती हैं कि बिना कंडोम के सेक्‍स से प्रेगनेंसी का डर बना रहता है, लेकिन फिर भी उन्‍हें अच्‍छा लगता है।

सर्वेक्षण के मुताबिक 28 प्रतिशत मेहिलाएं कंडोम के साथ संभोग इसलिए पसंद करती हैं, क्‍योंकि उससे यौन जनित बीमारियों व गर्भधारण का खतरा नहीं रहता। लिहाजा वो निश्चिंत होकर सेक्‍स कर पाती हैं। वहीं पुरुषों में 68 प्रतिशत कंडोम के बिना संभोग पसंद करते हैं, वहीं 32 प्रतिशत कंडोम के इस्‍तेमाल को प्राथमिकता देते हैं।
3500 लोगों पर हुए इस सर्वेक्षण की इस रिपोर्ट ने चौंकाने वाले तथ्‍य सामने रखे हैं। एंटी-एड्स कैंपेन के अंतर्गत कराये गये इस सर्वेक्षण से पता चलता है कि आज भी लोग एचआईवी जैसी बीमारियों से बचने से ज्‍यादा सेक्‍स के मजे को प्राथमिकता देते हैं। यह एक तरह से लोगों के लिए काफी बड़ा खतरा है।

Thursday, September 8, 2011

क्‍या पीरियड में संभोग करना सुरक्षित है?

Lovemaking    बात जब प्रेम और यौन संबंधों की हो तो हर कोई उसका असीम सुख प्राप्‍त करने की इच्‍छा व्‍यक्‍त करता है। लेकिन कई बार कुछ कारणवश आपका यौन संबंध स्‍थापित करने का मूड तब खराब हो जाता है जब आपकी पार्टनर पीरियड यानी मासिक धर्म से होती है। लोगों का मानना है कि पीरियड के दौरान संभोग करना सेहत के लिए बेहद खतरनाक है, लेकिन क्‍या यह बात वाकई में सत्‍य है या नहीं चलिये आज हम जानने की कोशिश करते हैं।

पहले बात करेंगे उस सर्वेक्षण की जो हाल ही में किया गया है। सर्वेक्षण में 1000 से ज्‍यादा लोगों से बात की गई और पूछा गया कि क्‍या वो उस दौरान संभोग करते हैं, जब उनकी पार्टनर के मेंसुरेशन चल रहे होते हैं। 90 प्रतिशत पुरुषों ने जवाब दिया नहीं वो उस दौरान संभोग नहीं करते, क्‍योंकि उन्‍हें लगता गंदगी महसूस होती है। वहीं 27 प्रतिशत ने कहा कि संभोग करते हैं, लेकिन मन में इंफेक्‍शन का डर बना रहता है। महिलाओं में 67 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वो मेंसुरेशन के दौरान सेक्‍स करती हैं या नहीं यह उनके पार्टनर पर निर्भर करता है, लेकिन पीरियड के दौरान सेक्‍स का मजा कई गुना बढ़ जाता है।

कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्‍होंने शुरुआत में अपनी पार्टनर से पीरियड के दौरान संभोग करने की कोशिश की, लेकिन अब नहीं करते। उनका मानना है कि ऐसे समय में संभोग करने से मानसिक तनाव सा बना रहता है। उस वजह से रोमांटिक नहीं हो पाते।

डॉक्‍टर की राय

दिल्‍ली के मेहरौली में निजी प्रेक्टिस करने वाले डॉक्‍टर शैशेश कुमार श्रीवास्‍तव की मानें तो पीरियड के दौरान बिना कंडोम संभोग करने से दोनों को ही संक्रमण का खतरा बना रहता है। यही नहीं ऐसे समय में यौन जनित बीमारियों (सेक्‍सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज) के होने का खतरा ज्‍यादा रहता है। इस दौरान संभोग करने से पुरुष से ज्‍यादा खतरा स्‍त्री को होता है। संभोग के कारण यूटरस से निकलने वाला द्रव्‍य पीछे की ओर चला जाता है और फिर जम जाता है, जो संक्रमण का कारण बनता है। इस वजह से यूटरस के अंदर इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्‍टर का कहना है कि इससे मेंसुरेशन पूरी तरह नहीं हो पाता है और उसकी साइकिल अधूरी रह जाती है। ठीक तरह से मेंसुरेशन नहीं होना भी यूटरस संबंधी बीमारियों का कारण है। पीरियड में संभोग करने से गर्भ ठहरता है, या नहीं इस पर डा. श्रीवास्‍तव का जवाब था हां। उन्‍होंने कहा कि पीरियड में संभोग करने से प्रेगनेंट होने के चांस सबसे ज्‍यादा होते हैं।
 

यौन क्रिया के बाद क्‍या चाहती हैं महिलाएं

Relationship      आमतौर पर पुरुष संभोग के तुरंत बाद या तो सो जाते है, या फिर अपनी पार्टनर से दूर बैठ जाते हैं। ऐसा करने पर कई बार पार्टनर का मूड खराब भी हो जाता है। क्‍या आपके साथ भी ऐसा होता है? क्‍या आपकी पार्टनर भी प्‍यार की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद रूठ जाती है। शायद इसमें आपकी भी गलती हो सकती है, क्‍योंकि महिलाएं यौन क्रिया के बाद भी आपका प्‍यार चाहती हैं।

कुछ बातें हम आपको बताएंगे, जिनका पालन कर आप अपने और अपनी पार्टनर के बीच सकारात्‍मक फर्क जरूर महसूस करेंगे।

1. सेक्‍स के तुरंत बाद कभी सोयें नहीं। इससे महिला को लगता है कि आप सिर्फ मतलब से उसके करीब आते हैं।

2. संभोग के बाद आप अपनी पार्टनर के साथ स्‍पून फिटिंग पोज़ीशन में लेट जायें जैसे दो चम्‍मच एक दूसरे में फिट हो जाते हैं। और अपने हाथों से हलके-हलके स्‍पर्श करते हुए प्‍यार की बाते करें। इससे महिला अपने आपको सुरक्षित महसूस करती है।

3. प्‍यार की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद भी महिलाएं अपने पार्टनर से बातें करना पसंद करती हैं। ऐसे में यदि आप मीठा सा चुंबन लेंगे, तो उन्‍हें अच्‍छा लगेगा।

4. यदि आप खासतौर से अपनी पार्टनर के मन की बात जानना चाहते हैं कि वे सेक्‍स के बाद क्‍या चाहती है, तो स्‍पून फिटिंग पोज़ीशन में उनसे पूछें कि उन्‍हें कैसा लग रहा है। वो खुद ब खुद अपनी इच्‍छाएं बयान कर देंगी। उनकी इच्‍छाओं को पूरा करके आप अपने प्‍यार भरे जीवन में खुशियां दुगनी कर सकते हैं।
  
5. संभोग के बाद आप अपनी पार्टनर से पूछें कि उन्‍हें कैसा लगा, कौन सी यौन क्रिया में उन्‍हें सबसे ज्‍यादा आनंद आया, प्‍यार के वक्‍त उन्‍हें क्‍या चीज़ सबसे अच्‍छी लगी, आदि। उन बातों को अगली बार आज़माकर आप अपनी पार्टनर के और ज्‍यादा करीब जा सकते हैं।

6. ऐसा बहुत कम होता है कि महिला दोबारा संभोग के लिए कहे। महिलाएं कभी भी प्‍यार के बाद आराम नहीं चाहती, जबकि अधिकांश पुरुष इस क्रिया के बाद सोना पसंद करते हैं। यदि आपकी पार्टनर दोबारा संभोग के लिए कहे, तो मना मत करिये, क्‍योंकि ऐसा चांस जल्‍दी नहीं आता।

कंडोम से परहेज करते हैं टीनेजर्स

  टीनेजर्स के अंदर अपनी यौन इच्‍छाओं को पूरा करने की ललक हमेशा से ज्‍यादा रही है। जीवन का यह दौर ऐसा होता है, जिसमें बच्‍चे बिना सोचे समझे कई ऐसे काम कर जाते हैं, जिनके परिणाम काफी खतरनाक हो सकते हैं। इन्‍हीं में से एक है असुरक्षित यौन संबंध स्‍थापित करना। जी हां एक शोध में यह पाया गया है कि ज्‍यादातर टीनेजर्स सेक्‍स करते वक्‍त कंडोम का प्रयोग नहीं करते।

वो सोचते हैं कंडोम से सेक्‍स का अनुभव फीका पड़ जाता है। जबकि ऐसा करने से वो अनचाहे गर्भधारण, एड्स और यौन संचारित रोगों को दावत देते हैं। अभी तक यौन संचारित रोगों का मुख्‍य कारण अज्ञानता ही बताया जाता था, लेकिन एक अध्‍ययन में यह पता चला है कि युवाओं में सेक्‍स के बेहतर अनुभव की ललक भी ऐसे रोगों को दावत दे रही है।


ब्रेडली हैस्‍ब्रो चिल्‍ड्रेन रिसर्च सेंटर ने तीन अन्‍य संस्‍थानों के साथ मिलकर हाल ही में 15 से 21 वर्ष की आयु के बच्‍चों पर एक अध्‍ययन किया। इस अध्‍ययन में 1400 ऐसे बच्‍चे शामिल किए गए, जिन्‍होंने बीते तीन महीनों में असुरक्षित यौन संबंध स्‍थापित किए थे।

अध्‍ययन में पाया गया कि टीनेजर्स जो कंडोम का इस्‍तेमाल नहीं करते हैं, उनके मन में यह धारणा है कि कंडोम से यौन सुख फीका पड़ जाता है। कई ऐसे भी टीनेजर्स थे, जिनके पास कंडोम था, लेकिन उनके पार्टनर ने उसके इस्‍तेमाल से इंकार कर दिया।



टीनेजर्स पर किए गए इस अध्‍ययन ने खतरे की घंटी जरूर बजा दी है। वो इसलिए क्‍योंकि दुनिया भर में फैल रहे यौन संचारित रोगों व एड्स के बढ़ने का खतरा और अधिक हो गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि टीनेजर्स को ज्‍यादा से ज्‍यादा जागरूक करने की जरूरत है। हालांकि विशेषज्ञों ने इस बात से इंकार नहीं किया है कि गर्भनिरोधक गोलियों के बढ़ते चलन के कारण कंडोम का इस्‍तेमाल घटा है। आज टीनेजर्स का विश्‍वास गर्भनिरोधक गोलियो पर ज्‍यादा हो गया है, लेकिन वे ये नहीं जानते कि असुरक्षित यौन संबंध उनके जीवन को बर्बाद कर सकता है।

महिलाओं की पसंदीदा यौन क्रियाएं

Sex relationship    कामसूत्र के मुताबिक जितना ज्‍यादा पुरुष सेक्‍स को पसंद करते हैं, उतना ही महिलाएं भी। जिस प्रकार पुरुषों को विशेष क्रियाओं यानी पोजीशन में सेक्‍स करना पसंद होता है, उसी प्रकार महिलाओं को भी। अब सवाल उठता है कि महिलाओं को कौन सी क्रियाएं ज्‍यादा पसंद होती हैं, तो हम उसका जवाब यहां देंगे। इससे पहले हम आपको बता दें कि महिलाओं को संभोग की वो क्रियाएं ज्‍यादा पसंद होती हैं, जिनमें वो जल्‍दी चरम सीमा तक पहुंच सकती हैं।


कुछ क्रियाएं इस प्रकार हैं-


1. पहली क्रिया जिसमें संभोग के दौरान पुरुष महिला के ऊपर होता है। यह सबसे पुरानी क्रिया है, जिसे महिलाएं सबसे ज्‍यादा पसंद करती हैं। इस क्रिया में महिलाओं को प्रेम और सेक्‍स दोनों का बराबर से अनुभव होता है।


2. दूसरी सबसे अच्‍छी क्रिया '69' है। यह क्रिया बैठ कर होती है, जिसमें पुरुष की जांघों पर उसकी पार्टनर बैठ जाती है। इस क्रिया में बैठकर संभोग किया जाता है। इसमें सीधे दिल से दिल का संपर्क होता है। यदि इस क्रिया के साथ 'किस'' भी लिया जाए तो प्‍यार का अहसास कई गुना बढ़ जाता है।


3. तीसरी पोजीशन वो है, जिसमें महिला अपने पार्टनर के ऊपर बैठ जाती है। आम तौर पर महिलाओं को हावी होना पसंद होता है और इस पोजीशन में उसी बात का अहसास ज्‍यादा होता है। इस पोजीशन में महिलाएं बहुत जल्‍द चरम सीमा यानी रति निष्‍पत्ति की अवस्‍था में पहुंच जाती हैं।


4. महिलाओं को अलग-अलग तरह से सेक्‍स करना पसंद होता है। पोजीशन '66' प्‍यार और सेक्‍स का अलग अहसास कराता है। इसमें महिला अपने पुरुष पार्टनर के ऊपर पीठ करके बैठ जाती है। इस पोजीशन में अगर पुरुष अपनी पार्टनर की छाती पर मसाज करे तो ज्‍यादा सहायक सिद्ध हो सकता है।


5. महिलाओं को स्‍पून फिटिंग पोजीशन भी काफी पसंद होती है। इस पोजीशन में जिस प्रकार दो चम्‍मच एक दूसरे में फिट हो जाते हैं, उसी प्रकार महिला, पुरुष एक दूसरे के आलिंगन में खो जाते हैं। पुरुष पीछे की तरफ रहता है।

बेड पर महिलाओं के लिए टिप्‍स


Relationship  यदि आपको अपनी रात सुहावनी बनानी है, तो खुद आगे बढ़ना भी आना चाहिए। अपनी रात को प्रेम और रस से भरा रखने के लिए आपको चाहिए आत्‍मविश्‍वास। सेक्‍स के मामले में पुरुष हमेशा से आगे रहते हैं, लेकिन महिलाएं पूरी तरह स्‍मार्ट नहीं हो पाती हैं। चलिए हम आपको बताते हैं कि स्‍वस्‍थ्‍य सेक्‍स के लिए आप क्‍या करें-

1. सबसे पहले आपको निडर बनना होगा। आप अपने पार्टनर को यह अहसास दिलाएं कि आप क्‍या चाहती हैं।

2. अपने पार्टनर के साथ ज्‍यादा से ज्‍यादा समय बिताएं और उसके सामने अपने प्‍यार का इज़हार करें।

3. जब आपको लगने लगे कि वो आपकी ओर आकर्षित हो रहा है, तो उसे अपनी बाहों में भरने की कोशिश करें। या फिर खुद लिपट जाएं।

4. जब आपका पार्टनर आपके करीब आए, तो प्‍यार में जरा भी कंजूसी मत करें। यदि आपको उसकी कोई बात अच्‍छी लगती है, तो तारीफ जरूर करें।

5. यदि आपका पार्टनर सेक्‍स की शुरुआत नहीं करता है, या फिर वो किसी बात से परेशान है, तो उससे ऐसी बातें करें, कि वो अपनी सारी परेशानियां भूल कर आपके करीब आ जाए।

6. पार्टनर को फोर सेक्‍स का मौका दें। किस व धीरे-धीरे मसाज से उसे पूरी तरह आगोश में ले लें।

7. इस बात का इंतजार मत करें क‍ि वो संभोग की शुरुआत करे। यदि आप शुरुआत करेंगी, तो उसे और भी ज्‍यादा अच्‍छा लगेगा।

8. आम तौर पर महिलाएं अनचाहे गर्भ की वजह से संभोग से कतराती हैं, इसका भी है। संभोग के दौरान कंडोम का इस्‍तेमाल आपके प्‍यार को कई गुना बढ़ा देगा।

अपनी पार्टनर की रात सुहावनी बनाएं

Relationship    पति-पत्‍नी के रिश्‍ते में सेक्‍स काफी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह जिम्‍मेदारी सिर्फ पत्‍नी की नहीं बल्कि पति की भी होती है, कि वो अपनी पत्‍नी को खुश रखे। लेकिन सवाल यह उठता है कि अपनी पार्टनर की हर रात सुहावनी कैसे बनाएं। कैसे अपनी पार्टनर को सेक्‍स की सुखद अनुभति कराएं। चलिए हम आपको आपके सवालों का हल बताते हैं।

सबसे पहली बात जो आपको ध्‍यान में रखनी है, वो यह कि सेक्‍स की चरम सीमा यानी रति निष्‍पत्ति आपसे ज्‍यादा आपकी पार्टनर के लिए महत्‍वपूर्ण है। जल्‍दबाजी में आकर आप यदि पहले चरम सीमा तक पहुंच जाते हैं, तो हो सकता है आपकी पार्टनर उतनी खुश न हो, जितनी की खुद चरम सीमा पर पहुंच कर। नीचे दी गईं टिप्‍स उस रूठी हुई पत्‍नी को मनाने में फायदेमंद साबित हो सकती हैं-

1. स्त्रियों को सरप्राइज़ काफी पसंद होते हैं। इसके लिए यदि आप बिना बताए अपने बेडरूम को फूलों को सजाते हैं या फिर पार्टनर के लिए फूलों का गुलदस्‍ता लाते हैं, तो वो आपके करीब आसानी से आ जाएंगी। यदि उससे पहले आप बाहर खाने का निमंत्रण दें, तो अच्‍छा होगा।

2. बेडरूम में पहुंचने के बाद आपकी सबसे बड़ी जिम्‍मेदारी अपने पार्टनर की दिन भर की थकान और तनाव को मिटाना होगी। इसके लिए अपनी पार्टनर के कंधे पर हाथ रखें और धीरे-धीरे मसाज करें। फिर पीठ और गर्दन पर। आपका स्‍पर्श प्‍यार भरा होना चाहिए। इस दौरान एक हलका चुंबन आपकी पार्टनर की सारी थकान दूर कर देगा।

3. तुरंत संभोग के लिए निमंत्रण मत दें। करीब एक से डेढ़ घंटे तक फोर सेक्‍स करें तो आपकी पार्टनर को चरम सीमा तक पहुंचने में आसानी होगी। फोर सेक्‍स के साथ-साथ चुंबन और मसाज आपकी पार्टनर को सेक्‍स के लिए प्रेरित करेगा।

4. होठों के चुंबन यानी ओरल सेक्‍स के माध्‍यम से अपनी पार्टनर को इस बात का अहसास कराएं कि यह संभोग से कहीं बेहतर है।

5. जब आपकी पार्टनर पूरी तरह आपके प्‍यार में खो जाए, तब संभोग शुरू करें। ध्‍यान रहे धीरे-धीरे संभोग ही बेहतर अहसास कराता है। यदि आप अपनी पार्टनर से पहले चरम सीमा पर पहुंच रहे हैं, तो थोड़ी देर रुक जाएं। अपने आप पर नियंत्रण स्‍थापित करें और तब तक चरम सीमा तक न पहुंचे, जब तक आपकी पार्टनर नहीं पहुंच जाती।

क्‍या कंडोम पूरी तरह सुरक्षित है?

Condom      कंडोम का इस्‍तेमाल करने वाले लोग हमेशा इस बात से निश्चिंत रहते हैं, कि इससे वो यौन संक्रमित रोगों से बचे रहेंगे, लेकिन क्‍या आप कंडोम पर पूरा भरोसा कर सकते हें। हाल ही में हुए एक अध्‍ययन में पाया गया कि सिर्फ 85 प्रतिशत कंडोम ही प्रेगनेंसी और यौन संक्रमित रोगों को रोकने में सफल होते हैं।

अध्‍ययन के मुताबिक घटिया क्‍वालिटी के कंडोम का संभोग के दौरान फटने का डर रहता है, लिहाजा कंडोम की क्‍वालिटी से समझौता नहीं करना चाहिए।

प्रेगनेंसी रोकना: अनचाही गर्भावस्‍था से रोकने का सबसे अच्‍छा साधन कंडोम है, लेकिन कई बार वो भी खराब निकल जाता है। यदि आपको लगे कि कंडोम के इस्‍तेमाल के बावजूद आप गर्भवती हो सकती हैं, तो तुरंत डॉक्‍टर से सलाह लेकर गर्भनिरोधक गोलियां लें। लेकिन हां बिना डॉक्‍टर की सलाह के बगैर गोलियां कभी मत लें, वो आपके प्रजनन तंत्र को हानि पहुंचा सकती हैं।



कई बार लोग बिना कंडोम के संभोग शुरू कर देते हैं और जब रतिनिष्पित्‍त का वत आता है, तब कंडोम लगाते हैं। चिकित्‍सकों के मुताबिक इस तरह से प्रेगनेंसी को नहीं रोका जा सकता है। कई बार वीर्य के निकलने से पहले वाले सफेद द्रव्‍य के साथ कुछ शुक्राणु आ जाते हैं, जो गर्भधारण के लिए पर्याप्‍त हो सकते हैं। लिहाजा अनचाही गर्भावस्‍था से बचने के लिए संभोग की शुरुआत से ही कंडोम का प्रयोग करना चाहिए।

  
एचआईवी को रोकना: यदि आप या आपकी पार्टनर एचआईवी से ग्रसित हैं, तो भी कंडोम पूरी तरह सुरक्षित साधन नहीं है। क्‍योंकि संभोग के दौरान निकलने वाला द्रव्‍य आपके यौन अंगों तक आसानी से पहुंच सकता हैं, जो संक्रमण फैला सकते हैं।

यही नहीं कई यौन रोग ऐसे भी होते हैं, जो त्‍वचा के स्‍पर्श से भी फैलते हैं, लिहाजा उनमें भी कंडोम फायदेमंद साबित नहीं होता। इसलिए कंडोम के इस्‍तेमाल के बाद भी सतर्क रहें तो अच्‍छा होगा।

महिलाओं में सेक्‍स के प्रति उदासीनता

Woman ये सवाल महिलाओं से है, क्‍या आप सेक्‍स के प्रति उदासीन हैं? आपको सेक्‍स करना अच्‍छा नहीं लगता? या आप सेक्‍स के लिए जल्‍दी तैयार नहीं होतीं? यदि हां, तो ये अच्‍छे संकेत नहीं हैं। हो सकता है आप किसी बीमारी का शिकार हों, लेकिन घबनाइये मत विश्‍व की 43 प्रतिशत महिलाओं का सेक्‍स के प्रति रवैया उदासीन रहता है।

अधिकांश महिलाएं सेक्‍स की चरम सीमा तक नहीं पहुंच पाने या फिर पहुंचने में कठिनाई के कारण सेक्‍स के प्रति उदासीन रहती हैं। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आप सेक्‍स करना छोड़ दें। सेक्‍स के मामले में आप कभी पुरुषों से तुलना मत करें, क्‍योंकि उनके साथ ऐसा बहुत कम होता है। यहां हम उन पुरुषों को भी आगाह करना चाहेंगे, जिनकी पत्‍नी सेक्‍स को तरजीह देने में पीछे रहती हैं।


क्‍या हो सकते हैं कारण

1. एनीमिया- यह महिलाओं में आम बीमारी है, जो आयरन की कमी से होती है। खास तौर से मासिक धर्म के समय महिलाओं में खून की कमी होने के आसार ज्‍यादा रहते हैं।

2. ड्रग्‍स, शराब, धूम्रपान- यदि आप ड्रग्‍स, शराब या धूम्रपान करती हैं तो उसका प्रभाव आपकी सेक्‍स लाइफ पर जरूर पड़ता है।

3. मधुमेह- यानी डायबिटीज़, यह बीमारी भी महिलाओं में सेक्‍स ड्राइव घटाती है।

4. गर्भावस्‍था- गर्भावस्‍था के बाद हारमोन में परिवर्तन के कारण भी सेक्‍स के प्रति उत्‍साह कम हो जाता है।

5. अवसाद- महिलाओं में सेक्‍स ड्राइव में कमी लाने का यह सबसे बड़ा कारण है।

6. काम का दबाव- जरूरत से ज्‍यादा काम के बाद थकान के कारण महिलाओं में सेक्‍स के प्रति उदासीनता बढ़ती है।

7. यौन शोषण- यदि महिला का पहले कभी यौन शोषण, रेप, आदि हो चुका है, तो भी सेक्‍स में रुचि घट जाती है।

8. रिश्‍तों में खटास- पति-पत्‍नी के रिश्‍तों में खटास एक बड़ा कारण है, जिससे सेक्‍स लाइफ प्रभावित होती है।

9. एकांत न मिलना- कई महिलाएं अपने पति के साथ एकांत चाहती हैं, ऐसा न होने पर उनमें सेक्‍स के प्रति रुचि घट जाती है।

10. मोटापा- महिलाओं में सेक्‍स में रुचि घटने का एक बड़ा कारण है। असल में मोटापे के कारण सेक्‍स की क्रियाओं में महिलाओं को दिक्‍कत होती है। इसीलिए ज्‍यादातर मोटी महिलाएं एक ही क्रिया में सेक्‍स करती हैं।