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Friday, September 9, 2011

कहीं आपको सेक्‍स की लत तो नहीं?

Sex Relationship   क्‍या आपको बार-बार सेक्‍स करने का मन करता है? क्‍या आप किसी महिला को देखते ही उत्‍तेजित होने लगते हैं? क्‍या आपसे रोज़ाना मैथुन किए बगौर रहा नहीं जाता? या फिर आपको पोर्न मूवीज़ व चित्र देखना बहुत पसंद है। यदि ऐसा आपके साथ होता है, तो सतर्क हो जाइये, क्‍योंकि ये सभी सेक्‍स की लत लग जाने के गुण हैं। आप सोच रहे होंगे, धूम्रपान, मदिरापान, चाय, आदि की लत तो सुनी थी लेकिन सेक्‍स की लत भी क्‍या किसी को लगती है। 

सेक्‍स तो एक प्राकृतिक क्रिया है, इसे लत का नाम कैसे दिया जा सकता है... आपके मन में उठ रहे सवाल लाज़मी हैं, लेकिन यह मत भूलें कि हर वो चीज़ जो सामान्‍य से अधिक हो वो लत है और बुरी लत हमेशा व्‍यक्ति को पर नकारात्‍मक असर छोड़ती है। 

क्‍या है सेक्‍स की लत 

चलिए हम आपको बताते हैं कि आखिर सेक्‍स कब बुरी लत में बदल जाता है। इसे सेक्‍सुअल एडिक्‍शन भी कहते हैं। सीधी भाषा में कहें तो जब यौन क्रियाएं कंट्रोल से बाहर हो जाएं तो उसे सेक्‍स की लत कहते हैं। जिस व्‍यक्ति को यह लत लग जाती है वो अपना अधिकांश समय यौन क्रियाओं में व्‍यतीत करना पसंद करता है। उसे जब मौका मिलता है, तब वो सेक्‍स के बारे में सोचने लगता है। इससे उसके व्‍यवहार में भी बदलाव आता है, जिसका असर उसके निजी, सामाजिक और व्‍यवसायिक जीवन में पड़ता है। ऐसे लोगों के लिए सेक्‍स उनके परिवार, दोस्‍तों और काम से ऊपर होता है। 

आम तौर पर यह लत टीन एज में लगती है। कई लोग कुछ दूरी तक जाकर संभल जाते हैं, लेकिन जो लोग शुरु में नहीं संभते हैं, वे 40 की उम्र के बाद तक सेक्‍स के लिए लालायित रहते हैं। यह लत भी ठीक उसी प्रकार लगती है, जैसे शराब या धूम्रपान की। सेक्‍स के दौरान हमारे शरीर से एक प्रकार का द्रव्‍य निकलता है, जो हमें असीम यौन सुख का अहसास कराता है। कुछ लोग जो बार-बार यौन सुख की अनुभूति की चाह रखते हैं, उन्‍हें यह लत जल्‍दी लग जाती है। उनकी लत की शुरुआत मैथुन यानी मास्‍टरबेशन से होती है। बंद कमरे में वो बार-बार मैथुन करते हैं। 



मौका मिलने पर पोर्न वेबसाइट, किताबें या फिल्‍में देखते हैं। कई बार तो फिल्‍म देखते-देखते ही मैथुन करने लगते हैं। ऐसे लोग उन घरों में ताका-झांकी करने से भी पीछे नहीं रहते हैं, जहां लड़कियां रहती हैं। यह केवल लड़कों के साथ ही नहीं लड़कियों को भी सेक्‍स की लत लग जाती है, तो वो भी ऐसा ही करने लगती हैं। जाहिर है हद से ज्‍यादा मैथुन करने के भी दुष्‍प्रभाव हैं। उसका सीधा असर स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। 

ऐसे लोग ज्‍यादातर अकेले रहन पसंद करते हैं। लोगों से घुलने-मिलने में उन्‍हें काफी परेशानी होती है, वो इसलिए क्‍योंकि उनके मन में हमेशा यह सवाल गूंजता रहता है कि वो सेक्‍सुअली कमजोर हैं। इसका असर उनके कॅरियर पर भी पड़ता है। कई बार जहां सेक्‍स की बातें चल रही हों, वहां उनके मन में अपने प्रति हीन भावनाएं आने लगती हैं। 

इस लत के और भी असर होते हैं। इंटरनेट के माध्‍यम से फ्री क्‍लासीफाइड पर पर्सनल विज्ञापन देकर डेटिंग करना आम है। ऐसे लोग मौका मिलने पर वेश्‍यावृत्ति के समय सोचते नहीं हैं। कई बार असुरक्षित यौन संबंध तक स्‍थापित कर बैठते हैं। जिस कारण उन्‍हें यौन जनित रोग लगने का खतरा रहता है। 

इंटरनेट पर जब भी किसी से चैट करते हैं, तो घुमा-फिरा कर अपनी बातों को सेक्‍स की ओर ले जाते हैं। ऐसे लोगों को टेलीफोन पर सेक्‍स की बातें करना पसंद होता है। ऐसे पुरुषों के अंदर लड़कियों का यौन शोषण करने की प्रवृत्ति ज्‍यादा होती है। क्‍योंकि उनके मन में हमेशा हर काम के बदले में सेक्‍स की चाहत होती है। इन्‍हीं कारणों से सेक्‍स की लत लगने पर सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। अब अगर पारिवारिक जीवन की बात करें तो जीवन साथी से रिश्‍ते टूटने की बात तभी आती है, जब आपका अफेयर किसी अन्‍य से भी हो। सेक्‍स की लत लगने पर व्‍यक्ति एक से अधिक लोगों से संबंध तक बनाने में पीछे नहीं हटते। 

जब स्त्रियों को लगती है सेक्‍स की लत 

सेक्‍स की लत सिर्फ पुरुषों को ही नहीं लगती है, स्त्रियां भी इसका शिकार हो सकती हैं। ऐसा होने पर वो भी पोर्नोग्राफी, टेलीफोन सेकस, इंटरनेट सेक्‍स, आदि करने लगती हैं। यही नहीं उन्‍हें भी जब अकेले मौका मिलता है तो वो भी मैथुन करती हैं। यही नहीं ऐसी स्त्रियां भी एक से ज्‍यादा लोगों से संबंध स्‍थापित करने में पीछे नहीं हटतीं। कई बार लड़कियां वेश्‍यावृत्ति में भी पड़ जाती हैं। 

यही कारण है कि 40 प्रतिशत लड़कियों का अनचाहा गर्भधारण इसी लत की वजह से होता है। हाल ही में हुए एक अध्‍यन की मानें तो सेक्‍स एडिक्‍शन की वजह से 70 प्रतिशत लोगों के वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है। 40 प्रतिशत के साथी उन्‍हें छोड़ देते हैं। 72 प्रतिशत आत्‍महत्‍या के प्रयास करते हैं, 68 प्रतिशत लोग यौन जनित बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं और 27 प्रतिशत लोगों का कॅरियर चौपट हो जाता है। ये आंकड़े पुरुष और स्त्रियों दोनों पर हुए अध्‍यन के हैं।

   

बच्‍चा पैदा होने के बाद सेक्‍स

Pregnant Woman  यदि आपकी जीवन संगिनी गर्भावस्‍था से गुजर रही है और डॉक्‍टर ने आपको सेक्‍स करने से मना किया है, तो यह मत सोचिए कि बच्‍चा पैदा होने के तुरंत बाद आप संभोग कर सकेंगे। तमाम पुरुष सोचते हैं कि बच्‍चा पैदा होने के तुरंत बाद वे अपनी संगिनी के साथ यौन संबंध स्‍थापित कर सकते हैं, लेकिन जो लोग ऐसा सोचते हैं या करते हैं, वे गलत हैं। इससे स्‍त्री के स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचता है।

यदि आप यह सोचते हैं कि बच्‍चा पैदा होने के बाद आपको अपनी पत्‍नी से उतना ही यौन सुख मिलेगा, जितना मिलता आया है, तो भी आप गलत हैं। सबसे अहम बात यह है कि बच्‍चे को जन्‍म देना एक महिला के लिए सबसे कठिन प्रक्रिया होती है। लोगों को देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन बच्‍चा पैदा होते वक्‍त महिला जीवन और मौत के बीच से गुजरती है।



इस प्रक्रिया के बाद योनी की मासपेशियां खिंचने के साथ-साथ टूट जाती हैं। इसी लिए डिलीवरी के दौरान असहनीय दर्द होता है। कई बार तो मासपेशियों से रक्‍त तक बहने लगता है। ऐसे में यदि आप डिलीवरी के एक दो दिन बाद ही संभोग करना स्‍त्री के लिए कष्‍टदायक हो सकता है। डॉक्‍टरों के मुताबिक नॉर्मल डिलीवरी के करीब छह सप्‍ताह तक संभोग नहीं करना चाहिए। उसके बाद भी डॉक्‍टर की सलाह लें तो अच्‍छा रहता है। क्‍योंकि मासपेशियों के घाव को भरने में पांच से छह सप्‍ताह तक लग ही जाता है। ऐसे में अगर आप सेक्‍स करेंगे तो योनी में इंफेक्‍शन होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

सेक्‍स के प्रति उदासीनता की बात करें तो आमतौर पर स्त्रियां डिलीवरी के बाद इसके प्रति उदासीन हो ही जाती हैं। उनके अंदर हार्मोर्न्‍स में परिवर्तन के कारण ऐसा होता है। यही नहीं इस कारण उन पर मानसिक दबाव भी बढ़ जाता है। बहुत कम महिलाएं होती हैं, जिनके साथ ऐसा नहीं होता। इसलिए हो सकता है डिलीवरी के तीन-चार महीने बाद भी स्‍त्री के अंदर सेकस करने की चाह नहीं उठे।



ऐसे में बच्‍चे की मां और पिता दोनों की जिम्‍मेदारी बनती है कि वे छह महीने तक संभोग से बचना चाहिए। यही नहीं यदि स्‍त्री पास आने के लिए मना कर दे तो उसे लेकर झगड़ा नहीं करना चाहिए। सबसे बड़ी बात यह है कि डिलीवरी के छह महीने के बाद भी स्त्रियां जब संभोग करती हैं तो चरम सीमा तक पहुंचने में उन्‍हें काफी दिक्‍कत होती है। लेकिन ऐसा लगभग सभी के साथ होता है।

हां आप अपने साथी को करीब लाने के लिए ओरल सेक्‍स कर सकते हैं, लेकिन उसमें भी ऐसा कोई काम न करें, जिससे स्‍त्री के घावों में दर्द होता हो। सबकुछ नॉर्मल होने के बाद भी अगर संभोग करें तो कॉन्‍ट्रासेप्टिव का इस्‍तेमाल करना मत भूलें, क्‍योंकि ऐसे में महिलाओं के अंदर दोबारा गर्भधारण के चांस बढ़ जाते हैं।

  

लिंग में भी हो सकता है फ्रेक्‍चर!

Man in Tension




हाथ, पैर, कमर, आदि के फ्रेक्‍चर के बारे में आप हमेशा से सुनते आए होंगे, लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि आपके लिंग में भी फ्रेक्‍चर हो सकता है? यह सवाल आपको बड़ा अटपटा लगा होगा। सोच रहे होंगे आखिर बगैर हड्डी के फ्रेक्‍चर कैसे हो सकता है, लेकिन यह सही है। असल में लिंग की ऊतक यानी टिश्‍यूज़ जब टूट जाती हैं, तो उसे पेनाइल फ्रेक्‍चर कहते हैं। इसे ब्रोकेन पेनिस भी कहा जाता है।

कामसूत्र में कहा गया है कि संभोग प्रेम का स्‍वरूप है। अब प्रेम के इस स्‍वरूप में अगर आप उत्‍तेजना में आकर भयावह रूप धारण कर लेते हैं, तो आपको या आपकी संगिनी दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। पुरुषों की बात की जाए तो ज्‍यादा उत्‍तेजित होकर गलत ढंग से सेक्‍स करने से पेनाइल फ्रेक्‍चर हो सकता है। यही नहीं अचानक चोट लगने से भी ऐसा हो सकता है।



चिकित्‍सकों के मुताबिक लिंग के अंदर दो नलियां होती हैं, जो मांसपेशियों के बीच से होकर जाती हैं। ये वो मांसपेशियां होती हैं, जो सेक्‍स के समय कड़ी हो जाती हैं। जिस समय लिंग कड़ा व मोटा हो जाता है, तब मांसपेशियों में खिंचाव होता है। ऐसी स्थिति में यदि टिश्‍यू पर आघात पहुंचता है तो वो टूट जाती हैं। उस दौरान हलका स खून भी निकलता है। लिंग में सूजन आ जाती है। लिंग नीला पड़ जाता है। लिंग एकदम से ढीला पड़ जाता है, लेकिन उसमें सूजन बनी रहती है। ऐसी स्थिति में असहनीय दर्द उठता है। पेनाइल फ्रेक्‍चर लिंग को जबरदस्‍ती मोड़ने या मरोड़ने से भी हो जाता है। संभोग के दौरान पेनाइल फ्रेक्‍चर होने का खतरा सबसे अधिक तब होता है जब स्‍त्री पुरुष के ऊपर होती है। यही नहीं फोर-सेक्‍स के दौरान भी ऐसा संभव है। 


सर्जरी ही इसका इलाज 

Thursday, September 8, 2011

गलतियां जो महिलाएं बिस्‍तर पर करती हैं

Woman in bedroom       
जब-जब बात लव और सेक्‍स की आती है, तो महिलाएं खुद को पुरुषों से आगे मानती हैं। ज्‍यादातर महिलाएं सोचती हैं कि सेक्‍स के मामले में वे पुरुषों से ज्‍यादा बेहतर हैं, लेकिन उन्‍हें पता नहीं होता कि संभोग के दौरान कितनी सारी गलतियां वे कर जाती हैं और उन्‍हें पता तक नहीं चलता। क्‍या आपको नहीं लगता कि अपने पार्टनर के साथ संभोग करते वक्‍त आप भी कुछ गलतियां कर बैठती हैं।

चलिये हम आपको बताते हैं वो कौन सी गलतियां हैं, जो अक्‍सर महिलाएं बिस्‍तर पर करती हैं।

सबसे पहले हम आपको बता दें कि बेड पर की गईं गलतियां आप और आपके पार्टनर के बीच रिश्‍तों पर भी प्रभाव डालती हैं। यदि आप शादीशुदा हैं, तो यह लेख आगे आपको मदद देगा, यदि आप जल्‍द शादी करने जा रही हैं, तो आप अभी से तैयार हो सकती हैं।

1. सबसे आम गलती जो महिलाएं करती हैं वो ये कि बिस्‍तर पर जाने के बाद वे सिर्फ खुद के बारे में सोचती हैं। उन्‍हें अपने पार्टनर की परवाह नहीं होती। बात अगर प्‍यार की हो तो उसमें एक तरफा प्‍यार कभी नहीं होना चाहिए।

2. कुछ महिलाएं आदमी को मशीन समझती हैं। वो सोचती हैं कि जब तक वे खुद संभोग की चरम सीमा तक नहीं पहुंच जायें, तब तक उनका पार्टनर भी नहीं पहुंचे। जबकि सही मायने में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में रतिनिष्‍पत्ति जल्‍दी होता है। ऐसे में पुरुष पार्टनर कई बार सेक्‍स को बोझ समझने लगते हैं, क्‍योंकि महिलाएं संभोग के दौरान जल्‍दी थकती नहीं।

3. एक बड़ी गलती यह कि महिलाएं यौन क्रिया के लिए पहले से तैयार नहीं होतीं। इस वजह से यौन संबंध के लिए उत्‍तेजित करने में काफी समय लगता है।

4. जो महिलाएं अपने शरीर के अनचाहे बालों को नहीं हटाती हैं, वो असल में अपनी यौन क्रिया को प्रभावित करती हैं। कई बार उन बालों के कारण पुरुषों का मन पहले से ही ऑफ हो जाता है।

5. कई बार महिलाएं अपने पार्टनर के सामने कपड़े उतारने में झिझकती हैं, वे खुद को चादर से ढकने की कोशिश करती हैं, बल्कि सच तो यह है कि यदि आप अपने पार्टनर के सामने निर्वस्‍त्र होंगी, तो उसका ज्‍यादा अच्‍छा प्रभाव पड़ेगा। कभी खुद से कपड़े उतारने की पहल नहीं करनी चाहिये, इसमें पार्टनर का सहयोग जरूर लें।

6. पुरुषों को तब अच्‍छा लगता है, जब आप उनके शरीर पर कोमल स्‍पर्श करें। उत्‍तेजना में आकर आक्रामक स्‍पर्श या पार्टनर के अंगों को कस के दबा देने, नोचने या काटने से उनके अंदर की यौन इच्‍छा को कम करता है।

उम्‍मीद है आप इन छह बातों का जरूर ध्‍यान रखेंगी। क्‍योंकि इसी प्रकार की तमाम जानकारियों को प्राप्‍त आप अपने यौन जीवन को सुखद एवं प्‍यार भरा बना सकती हैं।

महिलाओं की पसंदीदा यौन क्रियाएं

Sex relationship    कामसूत्र के मुताबिक जितना ज्‍यादा पुरुष सेक्‍स को पसंद करते हैं, उतना ही महिलाएं भी। जिस प्रकार पुरुषों को विशेष क्रियाओं यानी पोजीशन में सेक्‍स करना पसंद होता है, उसी प्रकार महिलाओं को भी। अब सवाल उठता है कि महिलाओं को कौन सी क्रियाएं ज्‍यादा पसंद होती हैं, तो हम उसका जवाब यहां देंगे। इससे पहले हम आपको बता दें कि महिलाओं को संभोग की वो क्रियाएं ज्‍यादा पसंद होती हैं, जिनमें वो जल्‍दी चरम सीमा तक पहुंच सकती हैं।


कुछ क्रियाएं इस प्रकार हैं-


1. पहली क्रिया जिसमें संभोग के दौरान पुरुष महिला के ऊपर होता है। यह सबसे पुरानी क्रिया है, जिसे महिलाएं सबसे ज्‍यादा पसंद करती हैं। इस क्रिया में महिलाओं को प्रेम और सेक्‍स दोनों का बराबर से अनुभव होता है।


2. दूसरी सबसे अच्‍छी क्रिया '69' है। यह क्रिया बैठ कर होती है, जिसमें पुरुष की जांघों पर उसकी पार्टनर बैठ जाती है। इस क्रिया में बैठकर संभोग किया जाता है। इसमें सीधे दिल से दिल का संपर्क होता है। यदि इस क्रिया के साथ 'किस'' भी लिया जाए तो प्‍यार का अहसास कई गुना बढ़ जाता है।


3. तीसरी पोजीशन वो है, जिसमें महिला अपने पार्टनर के ऊपर बैठ जाती है। आम तौर पर महिलाओं को हावी होना पसंद होता है और इस पोजीशन में उसी बात का अहसास ज्‍यादा होता है। इस पोजीशन में महिलाएं बहुत जल्‍द चरम सीमा यानी रति निष्‍पत्ति की अवस्‍था में पहुंच जाती हैं।


4. महिलाओं को अलग-अलग तरह से सेक्‍स करना पसंद होता है। पोजीशन '66' प्‍यार और सेक्‍स का अलग अहसास कराता है। इसमें महिला अपने पुरुष पार्टनर के ऊपर पीठ करके बैठ जाती है। इस पोजीशन में अगर पुरुष अपनी पार्टनर की छाती पर मसाज करे तो ज्‍यादा सहायक सिद्ध हो सकता है।


5. महिलाओं को स्‍पून फिटिंग पोजीशन भी काफी पसंद होती है। इस पोजीशन में जिस प्रकार दो चम्‍मच एक दूसरे में फिट हो जाते हैं, उसी प्रकार महिला, पुरुष एक दूसरे के आलिंगन में खो जाते हैं। पुरुष पीछे की तरफ रहता है।

बेड पर महिलाओं के लिए टिप्‍स


Relationship  यदि आपको अपनी रात सुहावनी बनानी है, तो खुद आगे बढ़ना भी आना चाहिए। अपनी रात को प्रेम और रस से भरा रखने के लिए आपको चाहिए आत्‍मविश्‍वास। सेक्‍स के मामले में पुरुष हमेशा से आगे रहते हैं, लेकिन महिलाएं पूरी तरह स्‍मार्ट नहीं हो पाती हैं। चलिए हम आपको बताते हैं कि स्‍वस्‍थ्‍य सेक्‍स के लिए आप क्‍या करें-

1. सबसे पहले आपको निडर बनना होगा। आप अपने पार्टनर को यह अहसास दिलाएं कि आप क्‍या चाहती हैं।

2. अपने पार्टनर के साथ ज्‍यादा से ज्‍यादा समय बिताएं और उसके सामने अपने प्‍यार का इज़हार करें।

3. जब आपको लगने लगे कि वो आपकी ओर आकर्षित हो रहा है, तो उसे अपनी बाहों में भरने की कोशिश करें। या फिर खुद लिपट जाएं।

4. जब आपका पार्टनर आपके करीब आए, तो प्‍यार में जरा भी कंजूसी मत करें। यदि आपको उसकी कोई बात अच्‍छी लगती है, तो तारीफ जरूर करें।

5. यदि आपका पार्टनर सेक्‍स की शुरुआत नहीं करता है, या फिर वो किसी बात से परेशान है, तो उससे ऐसी बातें करें, कि वो अपनी सारी परेशानियां भूल कर आपके करीब आ जाए।

6. पार्टनर को फोर सेक्‍स का मौका दें। किस व धीरे-धीरे मसाज से उसे पूरी तरह आगोश में ले लें।

7. इस बात का इंतजार मत करें क‍ि वो संभोग की शुरुआत करे। यदि आप शुरुआत करेंगी, तो उसे और भी ज्‍यादा अच्‍छा लगेगा।

8. आम तौर पर महिलाएं अनचाहे गर्भ की वजह से संभोग से कतराती हैं, इसका भी है। संभोग के दौरान कंडोम का इस्‍तेमाल आपके प्‍यार को कई गुना बढ़ा देगा।

क्‍या कंडोम पूरी तरह सुरक्षित है?

Condom      कंडोम का इस्‍तेमाल करने वाले लोग हमेशा इस बात से निश्चिंत रहते हैं, कि इससे वो यौन संक्रमित रोगों से बचे रहेंगे, लेकिन क्‍या आप कंडोम पर पूरा भरोसा कर सकते हें। हाल ही में हुए एक अध्‍ययन में पाया गया कि सिर्फ 85 प्रतिशत कंडोम ही प्रेगनेंसी और यौन संक्रमित रोगों को रोकने में सफल होते हैं।

अध्‍ययन के मुताबिक घटिया क्‍वालिटी के कंडोम का संभोग के दौरान फटने का डर रहता है, लिहाजा कंडोम की क्‍वालिटी से समझौता नहीं करना चाहिए।

प्रेगनेंसी रोकना: अनचाही गर्भावस्‍था से रोकने का सबसे अच्‍छा साधन कंडोम है, लेकिन कई बार वो भी खराब निकल जाता है। यदि आपको लगे कि कंडोम के इस्‍तेमाल के बावजूद आप गर्भवती हो सकती हैं, तो तुरंत डॉक्‍टर से सलाह लेकर गर्भनिरोधक गोलियां लें। लेकिन हां बिना डॉक्‍टर की सलाह के बगैर गोलियां कभी मत लें, वो आपके प्रजनन तंत्र को हानि पहुंचा सकती हैं।



कई बार लोग बिना कंडोम के संभोग शुरू कर देते हैं और जब रतिनिष्पित्‍त का वत आता है, तब कंडोम लगाते हैं। चिकित्‍सकों के मुताबिक इस तरह से प्रेगनेंसी को नहीं रोका जा सकता है। कई बार वीर्य के निकलने से पहले वाले सफेद द्रव्‍य के साथ कुछ शुक्राणु आ जाते हैं, जो गर्भधारण के लिए पर्याप्‍त हो सकते हैं। लिहाजा अनचाही गर्भावस्‍था से बचने के लिए संभोग की शुरुआत से ही कंडोम का प्रयोग करना चाहिए।

  
एचआईवी को रोकना: यदि आप या आपकी पार्टनर एचआईवी से ग्रसित हैं, तो भी कंडोम पूरी तरह सुरक्षित साधन नहीं है। क्‍योंकि संभोग के दौरान निकलने वाला द्रव्‍य आपके यौन अंगों तक आसानी से पहुंच सकता हैं, जो संक्रमण फैला सकते हैं।

यही नहीं कई यौन रोग ऐसे भी होते हैं, जो त्‍वचा के स्‍पर्श से भी फैलते हैं, लिहाजा उनमें भी कंडोम फायदेमंद साबित नहीं होता। इसलिए कंडोम के इस्‍तेमाल के बाद भी सतर्क रहें तो अच्‍छा होगा।