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Friday, September 9, 2011

कहीं आपको सेक्‍स की लत तो नहीं?

Sex Relationship   क्‍या आपको बार-बार सेक्‍स करने का मन करता है? क्‍या आप किसी महिला को देखते ही उत्‍तेजित होने लगते हैं? क्‍या आपसे रोज़ाना मैथुन किए बगौर रहा नहीं जाता? या फिर आपको पोर्न मूवीज़ व चित्र देखना बहुत पसंद है। यदि ऐसा आपके साथ होता है, तो सतर्क हो जाइये, क्‍योंकि ये सभी सेक्‍स की लत लग जाने के गुण हैं। आप सोच रहे होंगे, धूम्रपान, मदिरापान, चाय, आदि की लत तो सुनी थी लेकिन सेक्‍स की लत भी क्‍या किसी को लगती है। 

सेक्‍स तो एक प्राकृतिक क्रिया है, इसे लत का नाम कैसे दिया जा सकता है... आपके मन में उठ रहे सवाल लाज़मी हैं, लेकिन यह मत भूलें कि हर वो चीज़ जो सामान्‍य से अधिक हो वो लत है और बुरी लत हमेशा व्‍यक्ति को पर नकारात्‍मक असर छोड़ती है। 

क्‍या है सेक्‍स की लत 

चलिए हम आपको बताते हैं कि आखिर सेक्‍स कब बुरी लत में बदल जाता है। इसे सेक्‍सुअल एडिक्‍शन भी कहते हैं। सीधी भाषा में कहें तो जब यौन क्रियाएं कंट्रोल से बाहर हो जाएं तो उसे सेक्‍स की लत कहते हैं। जिस व्‍यक्ति को यह लत लग जाती है वो अपना अधिकांश समय यौन क्रियाओं में व्‍यतीत करना पसंद करता है। उसे जब मौका मिलता है, तब वो सेक्‍स के बारे में सोचने लगता है। इससे उसके व्‍यवहार में भी बदलाव आता है, जिसका असर उसके निजी, सामाजिक और व्‍यवसायिक जीवन में पड़ता है। ऐसे लोगों के लिए सेक्‍स उनके परिवार, दोस्‍तों और काम से ऊपर होता है। 

आम तौर पर यह लत टीन एज में लगती है। कई लोग कुछ दूरी तक जाकर संभल जाते हैं, लेकिन जो लोग शुरु में नहीं संभते हैं, वे 40 की उम्र के बाद तक सेक्‍स के लिए लालायित रहते हैं। यह लत भी ठीक उसी प्रकार लगती है, जैसे शराब या धूम्रपान की। सेक्‍स के दौरान हमारे शरीर से एक प्रकार का द्रव्‍य निकलता है, जो हमें असीम यौन सुख का अहसास कराता है। कुछ लोग जो बार-बार यौन सुख की अनुभूति की चाह रखते हैं, उन्‍हें यह लत जल्‍दी लग जाती है। उनकी लत की शुरुआत मैथुन यानी मास्‍टरबेशन से होती है। बंद कमरे में वो बार-बार मैथुन करते हैं। 



मौका मिलने पर पोर्न वेबसाइट, किताबें या फिल्‍में देखते हैं। कई बार तो फिल्‍म देखते-देखते ही मैथुन करने लगते हैं। ऐसे लोग उन घरों में ताका-झांकी करने से भी पीछे नहीं रहते हैं, जहां लड़कियां रहती हैं। यह केवल लड़कों के साथ ही नहीं लड़कियों को भी सेक्‍स की लत लग जाती है, तो वो भी ऐसा ही करने लगती हैं। जाहिर है हद से ज्‍यादा मैथुन करने के भी दुष्‍प्रभाव हैं। उसका सीधा असर स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। 

ऐसे लोग ज्‍यादातर अकेले रहन पसंद करते हैं। लोगों से घुलने-मिलने में उन्‍हें काफी परेशानी होती है, वो इसलिए क्‍योंकि उनके मन में हमेशा यह सवाल गूंजता रहता है कि वो सेक्‍सुअली कमजोर हैं। इसका असर उनके कॅरियर पर भी पड़ता है। कई बार जहां सेक्‍स की बातें चल रही हों, वहां उनके मन में अपने प्रति हीन भावनाएं आने लगती हैं। 

इस लत के और भी असर होते हैं। इंटरनेट के माध्‍यम से फ्री क्‍लासीफाइड पर पर्सनल विज्ञापन देकर डेटिंग करना आम है। ऐसे लोग मौका मिलने पर वेश्‍यावृत्ति के समय सोचते नहीं हैं। कई बार असुरक्षित यौन संबंध तक स्‍थापित कर बैठते हैं। जिस कारण उन्‍हें यौन जनित रोग लगने का खतरा रहता है। 

इंटरनेट पर जब भी किसी से चैट करते हैं, तो घुमा-फिरा कर अपनी बातों को सेक्‍स की ओर ले जाते हैं। ऐसे लोगों को टेलीफोन पर सेक्‍स की बातें करना पसंद होता है। ऐसे पुरुषों के अंदर लड़कियों का यौन शोषण करने की प्रवृत्ति ज्‍यादा होती है। क्‍योंकि उनके मन में हमेशा हर काम के बदले में सेक्‍स की चाहत होती है। इन्‍हीं कारणों से सेक्‍स की लत लगने पर सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। अब अगर पारिवारिक जीवन की बात करें तो जीवन साथी से रिश्‍ते टूटने की बात तभी आती है, जब आपका अफेयर किसी अन्‍य से भी हो। सेक्‍स की लत लगने पर व्‍यक्ति एक से अधिक लोगों से संबंध तक बनाने में पीछे नहीं हटते। 

जब स्त्रियों को लगती है सेक्‍स की लत 

सेक्‍स की लत सिर्फ पुरुषों को ही नहीं लगती है, स्त्रियां भी इसका शिकार हो सकती हैं। ऐसा होने पर वो भी पोर्नोग्राफी, टेलीफोन सेकस, इंटरनेट सेक्‍स, आदि करने लगती हैं। यही नहीं उन्‍हें भी जब अकेले मौका मिलता है तो वो भी मैथुन करती हैं। यही नहीं ऐसी स्त्रियां भी एक से ज्‍यादा लोगों से संबंध स्‍थापित करने में पीछे नहीं हटतीं। कई बार लड़कियां वेश्‍यावृत्ति में भी पड़ जाती हैं। 

यही कारण है कि 40 प्रतिशत लड़कियों का अनचाहा गर्भधारण इसी लत की वजह से होता है। हाल ही में हुए एक अध्‍यन की मानें तो सेक्‍स एडिक्‍शन की वजह से 70 प्रतिशत लोगों के वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है। 40 प्रतिशत के साथी उन्‍हें छोड़ देते हैं। 72 प्रतिशत आत्‍महत्‍या के प्रयास करते हैं, 68 प्रतिशत लोग यौन जनित बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं और 27 प्रतिशत लोगों का कॅरियर चौपट हो जाता है। ये आंकड़े पुरुष और स्त्रियों दोनों पर हुए अध्‍यन के हैं।

   

Thursday, September 8, 2011

मैथुन से होने वाले फायदे

 Woman


हमारे समाज में मैथुन को लोग गलत मानते हैं। एक अध्‍ययन के मुताबिक 94 प्रतिशत पुरुष और 89 प्रतिशत महिलाएं जीवन में एक ना एक बार मैथुन जरूर करती हैं। इसे लेकर लोगों में तमाम भ्रम भी हैं। लोग कहते हैं कि इससे शारीरिक कमजोरी आती है और व्‍यक्ति की यौन क्षमता प्रभावित होती है, लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में मैथुन से होने वाले फायदे सामने आये हैं।

मैथुन से भ्रम के बारे में हम पहले पढ़ चुके हैं (क्लिक करें और लेख पढ़ें)। आज बात करेंगे मैथुन से होने वाले फायदों की। मैथुन से निम्‍न फायदे होते हैं:-

1. मैथुन करने से पुरुष और महिलाओं दोनों में तनाव कम होता है।
2. यह व्‍यक्ति के आत्‍मसम्‍मान को बढ़ाता है।
3. शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
4. जल्‍दी और अच्‍छी नींद आती है।
5. दिमाग में तनाव पैदा करने वाली नसों को ढीला करता है, जिससे रक्‍त चाप जैसी बीमारी नहीं होती।
6. महिलाओं में मैथुन की वजह से मासिक धर्म (मेंसुरेशन) से संबंधित विकार पैदा नहीं होते।
7. व्‍यक्ति को अवसाद से बचाता है।
8. रक्‍त प्रवाह को आसान बनाता है, जिस वजह से ब्‍लड प्रेशर हाई नहीं होता।
9. मैथुन करने वाले पुरुषों में प्रोस्‍टेट कैंसर का खतरा कम होता है।
10. अनिद्रा की बीमारी का प्राकृतिक इलाज है यह।
11. सिरदर्द, बदन दर्द से छुटकारा दिलाता है।

12. यह वो यौन क्रिया होती है, जो व्‍यक्ति को यौन जनित बीमारियों से बचाती है और अनचाही प्रेगनेंसी रोकती है।
13. इससे व्‍यक्ति अपने पार्टनर के सामने अपनी सेक्‍सुअल फीलिंग्‍स को अच्‍छी तरह रख पाता है।
14. यह यौन अंगों के सामान्‍य रूप से काम नहीं करने का इलाज है।

मैथुन के दुष्‍प्रभाव

1. जरूरत से ज्‍यादा मैथुन करने से यौन अंग कमजोर पड़ जाते हैं।
2. जरूरत से ज्‍यादा मैथुन के कारण व्‍यक्ति सामाजिक जीवन से कटने लगता है। उसे अकेलापन ही अच्‍छा लगने लगता है, जो हानिकारक है।
3. अत्‍याधिक मैथुन से व्‍यक्ति के यौन अंगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।